महाराष्ट्र में नकली दूध रैकेट का भंडाफोड़, 13 गिरफ्तार
महाराष्ट्र सरकार के “सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र” अभियान के तहत खाद्य तथा औषधि प्रशासन (FDA) ने एक बड़े पैमाने पर नकली दूध रैकेट का पर्दाफाश किया है। पिछले छह महीनों में 2.3 करोड़ लीटर से अधिक की मिलावट वाला दूध राज्यभर में बेचा गया। इस मामले में 13 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 26 अन्य के विरुद्ध कार्रवाई जारी है।
जांच में पता चला कि यह नकली दूध रैकेट पुणे, अहमदनगर के अहिल्यानगर, सोलापुर, जालना, ठाणे और धराशिव (उस्मानाबाद) सहित कई जिलों में सक्रिय था। इस रैकेट ने लाखों लीटर दूध की आपूर्ति करके आम जनता की सेहत से खिलवाड़ किया।
नकली दूध की तैयारियां
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपितों ने 2,30,470 किलोग्राम घटिया दूध पाउडर का उपयोग कर लगभग 23,04,070 लीटर नकली दूध बनाया। इस नकली दूध की कीमत 9.21 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है।
सत्यापन में पाया गया कि नकली दूध घोलने के लिए घटिया दूध पाउडर के साथ डिटर्जेंट पाउडर, पाम ऑयल और अन्य निम्न गुणवत्ता वाले रासायनिक पदार्थ मिलाए गए, जिससे दूध की बनावट, रंग और वसायुक्तता का नकल किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि हर 100 लीटर शुद्ध दूध में 10 लीटर नकली दूध मिलाया गया था, जो 10% मिलावट दर्शाता है। बरामद रिकॉर्ड के अनुसार, इस प्रक्रिया के चलते राज्यभर में पिछले छह महीनों में 2.3 करोड़ लीटर से अधिक मिलावटी दूध वितरित हुआ।
गिरफ्तारी और जांच
अब तक 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कुल 26 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हैं। पांच खाद्य व्यापार लाइसेंस निलंबित किए गए हैं तथा 1.48 करोड़ रुपये मूल्य के मिलावट करने वाले पदार्थ भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि कई संदिग्ध अभी भी फरार हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है, जो जांच कर संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि डिटर्जेंट, पाम ऑयल और रासायनिक पदार्थों से मिलावटी दूध की लम्बे समय तक सेवन से लीवर, गुर्दे और पाचन तंत्र को अत्यधिक नुकसान पहुंच सकता है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी खतरे की है।
कड़ी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के अंतर्गत दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जहां खाद्य मिलावट से मानव जीवन को खतरा हो, वहां 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
FDA ने उपभोक्ताओं से सतर्क रहने का आग्रह किया है और आश्वासन दिया है कि राज्य में खाद्य मिलावट के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखी जाएगी ताकि दूध उत्पादों की गुणवत्ता को बनाए रखा जा सके।