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UP-जालौन में पुलिस की 40वीं खेल कूद प्रतियोगिता हुई सम्पन्न,पुलिस कर्मियों ने जीते गोल्ड मैडल

यूपी के जालौन के सिपाहियों ने गोल्ड मैडल जीतकर मारी बाज़ी जनपद मुरादाबाद में 40 वीं उत्तर प्रदेश पुलिस वार्षिक खेल प्रतियोगिता सम्पन्न हुई जिसमें बैडमिण्टन व टेबल टेनिस खेल प्रतियोगिता में पुलिस लाइन्स उरई से आरक्षी हर्ष टकले ने ओपेन व्यक्तिगत पुरूष बैडमिण्टन प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल हासिल किया । मुख्य आरक्षी कदीम अली ने (व्यक्तिगत पुरूष 45+) में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल, (मिक्स डबल 45+) में द्वितीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल व (डबल 45+) में तृतीय स्थान प्राप्त कर ब्राउन्ज मेडल हासिल किया । आरक्षी प्रदीप चौहान ने ओपेन मिक्स डबल में तृतीय स्थान प्राप्त कर ब्राउन्ज मेडल हासिल किया ।

एसआईएपी लाल सिंह ने ( डबल 50+ ) में तृतीय स्थान प्राप्त कर ब्राउन्ज मेडल हासिल करते हुये जनपद जालौन पुलिस का मान बढाया । पुलिस अधीक्षक ने सभी खिलाडियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया ।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}