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मुंबई NEET पुनः परीक्षा के लिए 60 विशेष बसें बेस्ट हड़ताल के बीच चलाईं गईं

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Jun 21, 2026 #mesma, #MSRTC, #NEET, #source
60 Special Buses Deployed for Mumbai NEET Re-Exam amid BEST strike

बेस्ट हड़ताल के बीच 60 विशेष बसें NEET पुनः परीक्षा के लिए विशेष प्रबंध

मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था शनिवार को बेस्ट के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को तेज करने के कारण बुरी तरह प्रभावित रही। शहर भर में बस सेवाएं ठप हो गईं, और दिन भर बेस्ट की कोई भी बस या वेट-लीज बस संचालन में नहीं रहीं। हजारों कर्मचारी काम पर उपस्थित नहीं हुए, जिससे पिछले कुछ वर्षों में परिवहन नेटवर्क को यह सबसे बड़ा संकट झेलना पड़ा।

हड़ताल के दूसरे दिन पहले के मुक़ाबले और भी बड़ा प्रभाव देखा गया। सुबह कुछ ड्राइवर और कंडक्टर ड्यूटी पर आए, लेकिन बाद में सेवाएं वापस ले ली गईं और बसें डिपो में पड़ी रहीं। कुछ स्थानों पर पत्थरबाज़ी की घटनाएं भी सामने आईं, जिन्हें बसों की रिकॉल का एक कारण बताया गया। दिन भर के दौरान सभी बसें बेस्ट के डिपो और बस स्टेशनों में सुरक्षित रखी गईं।

ऑपरेशन से जुड़े विभागों में कर्मचारियों की हाज़िरी बेहद कम दर्ज की गई। निर्धारित ड्राइवर, कंडक्टर, बस प्रारंभकर्ता और निरीक्षकों में से मात्र कुछ ही कर्मचारियों ने ड्यूटी संभाली। इसी प्रकार वेट-लीज कर्मचारियों में भी अनुपस्थिति देखी गई, जिससे सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं और शहर के व्यापक बस नेटवर्क का संचालन बंद हो गया।

मुंबई के यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। साझा टैक्‍सी, ऑटो-रिक्शा और बाइक टैक्सी जैसी वैकल्पिक परिवहन साधनों पर निर्भरता बढ़ गई। कुछ निजी ऑपरेटरों ने बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, पोवई, दादर, बोरिवली, घाटकोपर और नरीमन प्वाइंट जैसे प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त बसें चलाईं; हालांकि ये किराये अक्सर असंगठित और औपचारिक रूप से नियंत्रित नहीं थे।

शिक्षार्थियों के लिए विशेष ध्यान दिया गया जो मुंबई में NEET पुनः परीक्षा में शामिल होने वाले थे। परिवहन की चिंता को देखते हुए, महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के माध्यम से 60 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई। ये बसें परीक्षा के सुबह और शाम के समय संचालित होने की योजना बनीं। साथ ही, परिवहन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त 100 MSRTC बसों का समर्थन मांगा गया।

प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई भी शुरू की। महाराष्ट्र आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (MESMA) के तहत हड़ताल में शामिल कर्मचारियों और वेट-लीज ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए। कहा गया कि जो भी सार्वजनिक आवश्यक सेवाओं के संचालन में बाधा डालेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, हड़ताल कर रहे संघों ने आंदोलन जारी रखने की बात कही। उनका तर्क था कि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक के साथ हुई बातचीत में दी गई आश्वासन आधिकारिक बैठक के मिनट्स में शामिल नहीं किए गए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से बातचीत के लिए सहमति जताई गई ताकि समाधान निकाला जा सके।

परिवहन संकट के बावजूद बेस्ट द्वारा संचालित बिजली आपूर्ति सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं। लगभग 25 लाख यात्रियों की सेवा में संभव असुविधा को कम करने के लिए प्रयास जारी हैं। गतिरोध के बीच प्रशासन और हड़ताल संघों पर बढ़ती दबाव के कारण कोई पारस्परिक समाधान निकाले जाने की उम्मीद बनी हुई है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)