महाराष्ट्र की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना में करोड़ों की अनियमितताएं उजागर हुई हैं। महिला और बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे ने विधान परिषद में स्वीकार किया कि योजना में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन पुरुषों और सरकारी कर्मचारियों ने गैर-कानूनी तरीके से लाभ उठाया है, उनसे पैसा वापस लिया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई भी होगी।
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी पात्र महिलाओं को 31 दिसंबर 2025 तक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
मंगलवार को डॉ. प्रज्ञा सातव, सतेज उर्फ बंटी पाटील, अशोक जगताप समेत 15 विधायकों ने सवाल उठाते हुए बताया कि योजना में 26.34 लाख महिलाएं अपात्र पाई गई हैं, जबकि 14,298 पुरुषों ने धोखे से लाभ लेकर करीब 21.44 करोड़ रुपये की चपत लगाई। आरोप यह भी लगाया गया कि पिछले 10 महीनों में 9,526 महिला सरकारी कर्मचारियों ने अवैध रूप से 14.50 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
इन आरोपों पर मंत्री तटकरे ने माना कि इनमें “काफी हद तक सच्चाई” है। उन्होंने कहा कि दोषी सरकारी कर्मचारियों पर महाराष्ट्र सिविल सर्विस रूल्स के तहत कार्रवाई होगी। हालांकि, कैबिनेट ने यह निर्णय लिया है कि किसी भी ऐसी लाभार्थी महिला से जबरदस्ती रिकवरी नहीं की जाएगी, जो किसी वजह से योजना से बाहर हुई है।
विधायकों के इस आरोप को तटकरे ने खारिज किया कि मानदेय बढ़ाने से बचने के लिए लाभार्थी संख्या कम की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के रूप में मिल रहा है।

