वहीं तीर्थ पुरोहित और गंगा सभा की कुंभ मेला क्षेत्र को गैर हिंदुओं के लिए वर्जित किए जाने की मांग पर संतों में मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कुछ संत इस मांग का समर्थन करते हुए नजर आए तो कुछ संतों ने इसे मेला क्षेत्र को देखते हुए अव्यावहारिक बताया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि मेला क्षेत्र को गैर हिंदुओं के लिए वर्जित किया जाना अव्यवहारिक है। कुछ संतों ने इस मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि जब वेटिकन सिटी में कोई भी गैर ईसाई नहीं रह सकता तो फिर हरिद्वार देश की आध्यात्मिक राजधानी है तो यहां भी इस तरह का प्रावधान किया जाना चाहिए। महामंडलेश्वर ज्योतिर्मयनन्द ने कहा कि हमारा सनातन वैश्व कुटुंभकम की भावना रखता है लेकिन जब हमारे धर्म को साजिश के तहत अपवित्र किया जाता है तो इस तरह की मांग जायज दिखाती है।
उतराखंड: गंगा घाटों और धार्मिक स्थलों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर लगे रोक
वहीं तीर्थ पुरोहित और गंगा सभा की कुंभ मेला क्षेत्र को गैर हिंदुओं के लिए वर्जित किए जाने की मांग पर संतों में मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कुछ संत इस मांग का समर्थन करते हुए नजर आए तो कुछ संतों ने इसे मेला क्षेत्र को देखते हुए अव्यावहारिक बताया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि मेला क्षेत्र को गैर हिंदुओं के लिए वर्जित किया जाना अव्यवहारिक है। कुछ संतों ने इस मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि जब वेटिकन सिटी में कोई भी गैर ईसाई नहीं रह सकता तो फिर हरिद्वार देश की आध्यात्मिक राजधानी है तो यहां भी इस तरह का प्रावधान किया जाना चाहिए। महामंडलेश्वर ज्योतिर्मयनन्द ने कहा कि हमारा सनातन वैश्व कुटुंभकम की भावना रखता है लेकिन जब हमारे धर्म को साजिश के तहत अपवित्र किया जाता है तो इस तरह की मांग जायज दिखाती है।

