• Sat. Jan 24th, 2026

माघ मेला विवाद: अविमुक्तेश्वरानंद का एलान—पालकी से ही करूंगा स्नान, प्रशासन बोला—हम उन्हें शंकराचार्य नहीं मानते

माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन हुए घटनाक्रम के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद धरने पर बैठ गए। सोमवार को उन्होंने मीडिया से कहा कि वह संगम में स्नान पालकी से ही करेंगे और जब तक प्रशासन लिखित रूप से माफी नहीं मांगता, तब तक वह अपनी जगह से नहीं उठेंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि साधु-संतों के साथ पुलिस ने मारपीट की। इस घटना के लिए उन्होंने पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, गृह सचिव मोहित गुप्ता और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को जिम्मेदार ठहराया और उनकी तस्वीरें भी दिखाईं।

शंकराचार्य ने सीओ विनीत सिंह पर आरोप लगाया कि संगम नोज पर हिरासत में लिए गए साधु-संतों को उन्होंने पीटकर घायल किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह धरने पर नहीं बैठे हैं, बल्कि प्रशासन ने जहां छोड़ा था, वहीं विराजमान हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी कहा कि माघ मेले में संगम स्नान के लिए चारों शंकराचार्यों के लिए अलग प्रोटोकॉल तय होना चाहिए, ताकि वे पालकी से स्नान कर सकें।

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि किसी को भी गंगा स्नान से नहीं रोका गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मेला प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य नहीं मानता।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)