वसई-विरार में बढ़ती कुत्तों के काटने की घटनाएं: नगर निगम ने उठाए कदम
वसई-विरार नगर निगम ने हाल ही में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा की है, जिनमें नसबंदी अभियान को तेज़ करने के साथ-साथ नसबंदी के बाद कुत्तों के लिए एक समर्पित आश्रय स्थल का निर्माण शामिल है। यह निर्णय नगर में कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर लिया गया है।
शहर में चल रही आवारा कुत्तों की संख्या लगभग एक लाख के आसपास मानी जाती है, जबकि अब तक केवल लगभग 30,000 कुत्तों की नसबंदी ही की जा सकी है। जनवरी से अप्रैल के बीच लगभग 15,000 कुत्तों के काटने की घटनाओं की शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिससे जनता में चिंता और नगर निकाय के प्रति आलोचनाएं तेज हुई हैं।
हाल ही में एक नौ वर्षीय बालिका की मृत्यु, जिसे एक आवारा कुत्ते के काटने के बाद रेबीज हुई, ने इस संकट को और अधिक गंभीर बना दिया है। इस दुखद घटना ने जनता और विपक्षी दलों के बीच गहरा आक्रोश उत्पन्न कर दिया है, साथ ही नगर निगम के प्रयासों पर सवाल भी उठाए गए हैं।
नगर निगम की हाल की महासभा में इस विषय पर जोरदार बहस हुई, जहां विपक्ष ने प्रशासन की ढिलाई पर कड़ी आलोचना की और कहा कि नागरिकों की शिकायतों के बावजूद उचित कदम नहीं उठाए गए।
महापौर अजीव पाटिल ने बताया कि नगर निगम प्राइवेट संगठनों और पशु कल्याण समूहों के सहयोग से नसबंदी प्रयासों को गति दे रहा है। स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष निलेश देशमुख के अनुसार, पशु कल्याण संगठनों के साथ चर्चा और कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
नगर निगम वसई में लगभग ₹5.5 करोड़ की लागत से एक आश्रय स्थल बनाने का प्रस्ताव भी आगे बढ़ा रहा है, जो लगभग 1,000 आवारा कुत्तों को आश्रय, इलाज और देखभाल प्रदान करेगा। इस आश्रय स्थल में नसबंदी के बाद कुत्तों की देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, नसबंदी किए गए कुत्तों को जीपीएस कॉलर से लैस करने की योजना है, ताकि उनकी निगरानी बेहतर तरीके से की जा सके। वर्तमान में नसबंदी केवल दो केंद्रों द्वारा की जा रही है — एक नगर निगम के अधीन और दूसरा एक निजी पशु चिकित्सा केंद्र — जो समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त नहीं माने जा रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी भक्ति चौधरी ने आश्वासन दिया कि नगर निगम के अस्पतालों में रेबीज वैक्सीन और दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, ताकि कुत्तों के काटने के मामलों में तुरंत प्रभावी उपचार उपलब्ध हो सके।
वहीं, भाजपा नेता मनोज पाटिल ने कहा कि प्रशासन की जमीन पर कार्रवाई अभी भी अपर्याप्त है। वे बताते हैं कि विशेषकर रात के समय आवारा कुत्तों के झुंड नागरिकों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए भय का कारण बने हुए हैं। उन्होंने जनता से यह अपेक्षा की कि नगर निकाय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिक दृढ़ और प्रभावी कदम उठाए।