सेना अस्पताल में लॉन्च हुई रिंग गैन्ट्री आधारित नई लिनियर एक्सेलेरेटर मशीन
नई दिल्ली। आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल), नई दिल्ली में कैंसर के उपचार को और अधिक प्रभावी और सटीक बनाने के लिए नवीनतम तकनीक का सफलतापूर्वक आरंभ किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग में आधुनिक रिंग गैन्ट्री आधारित लिनियर एक्सेलेरेटर मशीन स्थापित की गई है, जिससे अब कैंसर का इलाज तेज, सटीक और आधुनिक हो गया है।
सेना के प्रमुख चिकित्सा संस्थान में इस अत्याधुनिक तकनीक की शुरुआत ने कैंसर रोगियों के लिए नई आशाओं का संचार किया है। यह हाई-टेक मशीन कैंसरग्रस्त शरीर के भागों को अत्यंत सटीक तरीके से निशाना बनाती है, जिससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को न्यूनतम क्षति पहुँचती है। इस महत्वपूर्ण तकनीक का उद्घाटन रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में सोमवार को किया गया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह उन्नत लिनियर एक्सेलेरेटर सैन्य कर्मियों, पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों को अत्याधुनिक कैंसर उपचार सुविधाएँ उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगी। बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए इस मशीन की शुरुआत आर्मी हॉस्पिटल की उपचार क्षमता को बेहतर बनाएगी और रोगियों के बाहरी रेफरल की आवश्यकता में कमी करेगी।
नई मशीन में वॉल्यूमेट्रिक मॉड्यूलेटेड आर्क थेरेपी, इंटेंसिटी मॉड्यूलेटेड रेडिएशन थेरेपी, इमेज गाइडेड रेडिएशन थेरेपी, स्टीरियोटैक्टिक बॉडी रेडियोथेरेपी एवं स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का समुच्चय है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रेडिएशन का सटीक निदान संभव होगा, जो स्वस्थ ऊतकों की सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर उपचार परिणाम सुनिश्चित करेगा तथा उपचार के दौरान होने वाली जटिलताओं को कम करेगा।
सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के अंतर्गत इस नई तकनीक की स्थापना पुराने उपकरण के स्थान पर की गई है, जिसे अब सेवामुक्त किया गया है। यह परिवर्तन सेना की चिकित्सा सुविधाओं में ऑन्कोलॉजी क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अतिरिक्त, अन्य कैंसर उपचार केंद्रों को भी चरणबद्ध तरीके से आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है।
इस अवसर पर सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा की महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन, आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।