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मुंबई: सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट में आरोपों के बीच सरकार करेगी नए कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति

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Jun 1, 2026 #source
Mumbai: Government to Appoint New Executive Officer at Siddhivinayak Temple Trust Amid Allegations

सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट में नए कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति

महाराष्ट्र सरकार ने श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के वर्तमान कार्यकारी अधिकारी वीणा मोरे-पाटिल के खिलाफ आरोपों के बाद पद परिवर्तन का निर्णय लिया है। इसके तहत विभिन्न राज्य सरकारी विभागों के सचिवों में से एक नए अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जिसके लिए पात्र अधिकारियों से आवेदन मांग लिए गए हैं।

यह निर्णय मंदिर के बड़े पैमाने पर विकास कार्यों के बीच आया है, जो हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा स्वीकृत एक नई योजना के अंतर्गत हो रहा है। परियोजना के प्रथम चरण की आधारशिला भी उनके द्वारा रखी गई है, और पूरे पुनर्विकास का अनुमानित खर्च लगभग 500 करोड़ रुपए बताया गया है।

वर्तमान कार्यकारी अधिकारी वीणा पाटिल और उपकार्यकारी अधिकारी संदीप राठौड़ पर हाल ही में प्रशासनिक अनियमितताओं व विधिक कदाचार के आरोप लगे हैं। तीन व्यक्तियों की शिकायत के आधार पर राज्य के विधि एवं न्याय विभाग ने दोनों अधिकारियों को जवाब देने के लिए नोटिस जारी किए हैं। आरोपों में प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी, अधिकारों का दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताएं शामिल हैं।

यह पहली बार नहीं है जब इस पद से जुड़ी ऐसी विवादास्पद स्थिति सामने आई हो। पूर्व कार्यकारी अधिकारी नंदा राउत पर भी इसी प्रकार के आरोप लगे थे, जिसके पश्चात सरकार ने प्रशासनिक संरचना में व्यापक परिवर्तन करते हुए मंत्रालय स्तर के अधिकारी को डिप्टीकेशन पर नियुक्त करने का निर्णय लिया था।

अब विधि एवं न्याय विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे उप-सचिव स्तर के अधिकारी को डिप्टीकेशन पर नियुक्त करें। अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मुंबई के प्रमुख मंदिरों में से एक के पुनर्विकास के एक संवेदनशील चरण में हो रहा है।

सिद्धिविनायक मंदिर का उज्जैन मॉडल पर पुनर्विकास

पुनर्विकास योजना के अंतर्गत मंदिर परिसर को उज्जैन कॉरिडोर मॉडल के अनुसार संवारा जाएगा। प्रस्तावित सुधारों में आसपास की सड़कों की सुंदरता, बेहतर पैदल मार्ग, यातायात प्रबंधन, भक्तों के लिए समर्पित प्रतीक्षा क्षेत्र, भूमिगत पार्किंग सुविधाएं और सुरक्षा प्रबन्धों को सुदृढ़ करना शामिल है।

परियोजना का उद्देश्य मंदिर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ आधुनिकता को भी अपनाना है। प्रस्तावित डिज़ाइन में भव्य प्रवेशद्वार, पारंपरिक वास्तुकला के तत्व और आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। परियोजना की कुल लागत लगभग 500 करोड़ रुपए आंकी गई है, जो मंदिर परिसर के व्यापक रूपांतरण का संकेत है।

संदर्भ: मुंबई: गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के लिए बीएमसी ने 150 अवैध संरचनाएं तोड़ीं।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)