महाराष्ट्र में खाद्य मिलावट के खिलाफ व्यापक कार्रवाई, एफडीए ने की 33 गिरफ्तारियां और 27 प्रतिष्ठान सील
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने राज्यव्यापी तीन दिवसीय अभियान के दौरान खाद्य मिलावट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 27 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया।
एफडीए के कमिश्नर तुकाराम मुंढे के अनुसार यह विशेष अभियान 25 मई से 27 मई तक छह प्रशासनिक प्रभागों में संचालित किया गया। इस दौरान 20.67 लाख रुपये से अधिक मूल्य के अस्थायी माल जब्त किए गए।
इन गिरफ्तारियों और छापों में अकेले मुंबई महानगरीय प्रभाग में 19 आरोपियों को हिरासत में लिया गया और 19 प्रतिष्ठान सील किए गए।
एफडीए ने बताया कि इस कार्रवाई में प्रतिबंधित उत्पादों के अलावा पैकेज्ड पीने के पानी, दूध, जूस, कोल्ड्रिंक, खाद्य तेल, मिठाइयां, आइसक्रीम, ताड़ी, मसाले, खोया, पनीर, घी, बेसन और बेकरी उत्पादों से नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजे गए।
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत कुल 28.68 लाख रुपये मूल्य के खाद्य पदार्थ जब्त किए गए और इनके लैब परीक्षण भी किए गए।
मुंबई में धारावी के एक नूडल निर्माण यूनिट के खिलाफ लेबलिंग नियमों एवं खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप में बड़ी मात्रा में स्टॉक जब्त किया गया। नासिक में कई प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस उल्लंघन, भ्रमित करने वाले लेबलिंग प्रथाओं तथा निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य तेल की बिक्री को लेकर कारवाई की गई।
पालघर के आइसक्रीम निर्माता के अस्वच्छ और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालन के कारण भी लाखों रुपये के स्टॉक जब्त किए गए।
जलगांव में एक बड़े दूध मिलावट रैकेट का भी खुलासा हुआ, जिसमें गाय के दूध में खाने योग्य तेल मिलाने का आरोप है। पुणे जिले के इंदापुर क्षेत्र में आमों को रासायनिक पदार्थों से जल्दी पकाने के लिए कैमोशल उपयोग करते पाए जाने पर लगभग 20,000 रुपये मूल्य के आम जब्त किए गए।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार यह अभियान प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री, मिलावटी खाद्य पदार्थ, असुरक्षित खाद्य उत्पादन इकाइयों और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को निशाना बना रहा था। एफडीए टीमों ने गुटखा, पान मसाला और अन्य प्रतिबंधित उत्पादों के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण और पैकेजिंग इकाइयों का निरीक्षण किया।