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विश्व पर्यावरण दिवस 2026: पश्चिम रेलवे और मध्य रेल की मुंबई मंडल ने प्लास्टिक विरोधी, स्थिरता एवं जागरूकता अभियान को तेज किया

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Jun 2, 2026 #ngos, #pbcms, #source
World Environment Day 2026: Mumbai Division of WR, CR steps up anti-plastic, sustainability and awareness campaign

मुंबई मंडल में पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) और मध्य रेलवे (सीआर) की मुंबई मंडल ने पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक विरोधी और स्थिरता जागरूकता के लिए कई पहल शुरू की हैं। यह कदम रेलवे परिसर को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।

पश्चिम रेलवे (WR) का अभियान:

23 से 26 मई तक चलने वाले इस अभियान में रेलवे के स्टाफ, विक्रेता, यात्रियों, गैर-सरकारी संगठनों एवं आम जनता ने सक्रिय भागीदारी दिखाई। पश्चिम रेलवे के प्रमुख जनसंपर्क अधिकारी, विवेक अभिषेक के अनुसार, पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने हेतु विशेष निरीक्षण अभियान संचालित किए गए। विक्रेता स्टॉलों पर सिंगल-यूज प्लास्टिक प्रतिबंध का सख्ती से पालन करवाया गया और पुनःचक्रित विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

रेलवे परिसरों में लगभग 140 जल पुनःभराई केन्द्रों पर निरीक्षण कर यात्रियों को सिंगल-यूज प्लास्टिक बोतलों के बजाए पानी की बोतलें पुनः भरने और उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। कई स्टेशनों पर सार्वजनिक घोषणा प्रणाली के माध्यम से प्लास्टिक प्रदूषण के खतरों और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के बारे में जागरूकता फैलाने का कार्य भी हुआ।

यात्रियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक, संवादात्मक गतिविधियां एवं आउटरीच प्रोग्राम आयोजित किए गए, जिनमें NGOs और संबंधित संगठनों का सहयोग प्राप्त रहा। साथ ही, रेलवे परिसर और स्टेशनों पर सफाई अभियान चला कर स्वच्छता और हाइजीन के महत्व को रेखांकित किया गया।

इन पहलों के माध्यम से मुंबई मंडल ने पर्यावरण संरक्षण और सतत भविष्य के निर्माण में जनता को शामिल करते हुए स्वच्छ, हरा-भरा और संवेदनशील रेलवे वातावरण को बढ़ावा दिया है।

मध्य रेलवे (CR) की योजना:

मध्य रेलवे ने भी अपने पांच डिविजनों में मई 15 से व्यापक प्लास्टिक विरोधी, कचरा पृथक्करण और सतत विकास संबंधी कार्यक्रम तेज कर दिए हैं। इन प्रयासों में रेलवे स्टाफ, यात्रियों, विक्रेताओं, NGOs और स्कूल बच्चों ने सेमिनार, कार्यशालाएं, रैलियां और निरीक्षणों के माध्यम से योगदान दिया है।

डॉ. स्वप्निल नीला, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, मध्य रेलवे ने कहा कि रेलवे सतत बुनियादी ढांचा सुधारों के प्रति प्रतिबद्ध है और यात्रियों से अपील की गई है कि वे सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचते हुए रेलवे परिसरों को स्वच्छ बनाये रखने में सहायक बनें।

मुंबई डिविजन में स्टॉलों पर सिंगल-यूज प्लास्टिक प्रतिबंध के निरीक्षण एवं बायोडिग्रेडेबल विकल्प अपनाने को बढ़ावा दिया गया। स्टेशन पर सार्वजनिक घोषणा प्रणाली से यात्रियों को पुनः उपयोग योग्य पानी की बोतलें लाने की सलाह दी गई।

इस अभियान में प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनों (PBCMs) का अधिक उपयोग एक विशेष पहल रही। नासिक रोड स्टेशन पर यात्रियों को इन मशीनों का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया तथा सोलापुर कोचिंग डिपो में एक नई मशीन का उद्घाटन भी किया गया।

माटुंगा में फ्लेक्सिबल पैकेजिंग से माईक्रोप्लास्टिक प्रदूषण कम करने के विषय पर एक अनूठा सेमिनार भी आयोजित किया गया, जिसमें कर्मचारियों को दूध और तेल के पैकेट्स को इस तरह काटने का प्रशिक्षण दिया गया जिससे छोटे प्लास्टिक टुकड़े वातावरण में न जाएं।

मुंबई, भुसवल, नागपुर, पुणे और सोलापुर डिविजन तथा माटुंगा, संपड़ा और नासिक रोड रेल कार्यशालाओं में इस अभियान की गतिविधियां संपन्न हुईं।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)