मालवीय नगर गेस्ट हाउस अग्निकांड: 21 लोगों की मौत, सुरक्षा laxity पर सवाल
दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक गेस्ट हाउस में भयंकर आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें से 12 विदेशी नागरिक हैं। यह हादसा रविवार सुबह हुआ और इसने राजधानी में अवैध निर्माण व अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर असमानताएं उजागर कर दी हैं।
प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि गेस्ट हाउस में अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ था। इस गेस्ट हाउस को केवल छह कमरे बनाने की अनुमति थी, लेकिन चार मंजिलों में कुल 25 कमरे बनाकर यह गैरकानूनी रूप से संचालित किया जा रहा था। इसके अलावा, इमारत की खिड़कियां सील थीं और मुख्य द्वार पर इलेक्ट्रॉनिक लॉक था, जो आग लगने के बाद फंसे लोगों के लिए बाहर निकलना असंभव बना गया।
आग लगने की घटना के दौरान कई लोग जलती इमारत से छलांग लगाकर बचने का प्रयास कर रहे थे। स्थानीय निवासियों ने मौके पर पहुंचकर पास की एक दुकान से गद्दे मंगाकर फंसे लोगों को बचाया। इसरार अली और अन्य चश्मदीदों ने बताया कि उन्होंने आग लगने के तुरंत बाद लोगों को आवाज देकर सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की।
आग सुबह लगभग 9 बजे लगी, जिसके बाद दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। हालांकि, स्थानीय लोग दमकल की गाड़ियों की पहुंच में 45 मिनट की देरी की बात कर रहे हैं। अग्निशमन विभाग के अधिकारी अभिलाष कुमार मलिक ने बताया कि इमारत का निर्माण इस प्रकार था कि किसी भी मंजिल पर फंसे लोग आसानी से निकल नहीं सकते थे। इमारत की बनावट की वजह से धुआं मिनटों में पूरी इमारत में फैल गया, जिससे बचाव कार्य कठिन हुआ।
मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन के निकट स्थित यह गेस्ट हाउस बिना वैध फायर एनओसी के संचालित हो रहा था। यहां ठहरे अधिकांश यात्री चिकित्सा उपचार के लिए दिल्ली आए थे और कई के परिजन भी साथ थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में कई ऐसे गेस्ट हाउस और बी एंड बी संचालित हैं जो बिना अनुमोदन के काम कर रहे हैं।
आग लगने के बाद गेस्ट हाउस के मुख्य द्वार को स्थानीय लोगों ने पत्थर व हथौड़ों से तोड़ कर फंसे लोगों को बाहर निकाला। जलती हुई इमारत से निकालकर 49 घायल मरीजों को मैक्स अस्पताल, एम्स ट्रॉमा सेंटर और पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से आठ को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी गेस्ट हाउस मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में लेकर प्रश्नोत्तरी की जा रही है। घटनास्थल पर दिल्ली सरकार के गृह मंत्री आशीष सूद पहुंचे और कहा कि अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर सख्त कार्रवाई निश्चित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है।
घटना के कारणों की गहन जांच जारी है। दिल्ली सरकार ने अवैध एवं नियमों का उल्लंघन करने वाले गेस्ट हाउस एवं बी एंड बी को सील करने के निर्देश जारी किए हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।