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फरीदाबाद: लक्जरी होटल में छापता था नोट, बड़ा खुलासा

हरियाणा के फरीदाबाद स्थित क्राइम ब्रांच एनआईटी ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए होटल सरोवर पोर्टिको के एक कमरे से नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान, नकली नोट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने जांच के दौरान होटल के रिकॉर्ड के आधार पर सेक्टर-17 निवासी विनायक झा को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर रही है।

शातिर ने आईआईटी बेंगलुरु से की है पढ़ाई

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बेंगलुरु से पढ़ाई कर चुका है और वर्तमान में नोएडा स्थित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कार्यरत है। पुलिस मामले में पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है।

होटल सरोवर पोर्टिको में ले रखा था कमरा

पुलिस के अनुसार उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि होटल सरोवर पोर्टिको के एक कमरे में संदिग्ध सामान रखा हुआ है, जिसका इस्तेमाल नकली भारतीय मुद्रा तैयार करने के लिए किया जा सकता है। सूचना मिलते ही सूरजकुंड थाना पुलिस की टीम तत्काल होटल पहुंची। हालांकि, पुलिस के पहुंचने तक कमरे में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसके बाद पुलिस ने होटल प्रबंधन की मौजूदगी में कमरे की तलाशी ली।

तलाशी के दौरान पुलिस को एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले विशेष कागज, 500 रुपये का एक नकली नोट और 100 रुपये के 10 नकली नोट बरामद हुए। इसके अलावा नकली नोट तैयार करने में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री भी मौके से मिली। पुलिस ने सभी सामान को कब्जे में लेकर जब्त कर लिया और आगे की तकनीकी जांच के लिए सुरक्षित रखा है।

नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में करता है काम
जांच के दौरान होटल के रजिस्टर और बुकिंग रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। रिकॉर्ड से पता चला कि संबंधित कमरा सेक्टर-17 निवासी विनायक झा के नाम से बुक कराया गया था। इसके आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी उच्च शिक्षित है और नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में आईटी प्रोफेशनल के रूप में कार्यरत है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली नोट बनाने का यह काम कब से किया जा रहा था, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं व नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला सामान कहां से लाया गया।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )