नवी मुंबई में पर्यावरण संरक्षण की अनोखी पहल: गणेश मूर्तियों का वैज्ञानिक पुनर्चक्रण
नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 700 प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) गणेश मूर्तियों को 760 अध्ययन तालिकाओं में पुनर्चक्रित किया। यह प्रयास पिछले वर्ष गणेश विसर्जन के बाद एकत्रित हुई मूर्तियों को पुनः उपयोगी संसाधन में परिवर्तित करने का पहला उदाहरण है।
बॉम्बे उच्च न्यायालय के निर्देशों और महाराष्ट्र सरकार की पर्यावरणीय नीतियों के तहत, नगर निगम ने गणेश उत्सव के दौरान 146 कृत्रिम विसर्जन तालाब बनाए। इन तालाबों में करीब 8,000 POP मूर्तियाँ विसर्जित की गईं, जिन्हें बाद में वैज्ञानिक तरीके से पुनर्चक्रण के लिए सुरक्षित रूप से संग्रहित किया गया।
इस परियोजना को Rotary Club of Navi Mumbai के सहयोग से, विशेषज्ञों की तकनीकी मार्गदर्शन में तथा Heineken India Private Limited और Beach Please India Limited के CSR fundo के समर्थन से लागू किया गया। कुल 1,500 किलो पुनर्चक्रित POP का प्रयोग कर 760 अध्ययन टेबल बनाई गईं, जो राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज नगरपालिका माध्यमिक विद्यालय संख्या 104, अम्बेडकर नगर, रबाले के छात्रों को वितरित की गईं।
NMMC ने बताया कि बचे हुए POP मूर्तियों को भी वैज्ञानिक रूप से संसाधित कर उन्हें पुनः उपयोगी POP सामग्री में परिवर्तित करने की अगली phase पर कार्य चल रहा है। मुंबई के Institute of Chemical Technology (ICT) के साथ एक स्थायी पुनर्चक्रण मॉडल विकसित करने के लिए चर्चा भी जारी है।
यह पहल महाराष्ट्र सरकार के ‘माझी वसुंधरा’ अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। नवी मुंबई को पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में महाराष्ट्र के अग्रणी शहरों में शामिल किया गया है, जो इसे भविष्य में भी और अधिक सतत विकास की दिशा में अग्रसर करता है।