तमिलनाडु में डीएमके विधायक की गिरफ्तारी, मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी का मामला
तमिलनाडु के तिरुचेंदुर क्षेत्र से डॉविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) के विधायक एवं पूर्व मंत्री अनीता आर. राधाकृष्णन को मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित अवमाननात्मक बयान देने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत नामंजूर किए जाने के बाद Authoor, तूतुकुड़ी जिले में हुई।
राधाकृष्णन ने 20 जून को एक सार्वजनिक सभा में मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की थीं, जिसके बाद 23 जून को उन्हें भारतीय दंड संहिता की उन धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करौती गई, जो जानबूझकर अपमान करने और शांति भंग करने के इरादे से की गई बातें तथा सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान के अंतर्गत आती हैं।
इस शिकायत को तमिलगा वेत्रि कड़गम के एक पदाधिकारी एस. सेल्वम ने दर्ज कराया था। गिरफ्तारी के समय राधाकृष्णन ऑथूर टाउन पंचायत में अभिलेखों का निरीक्षण कर रहे थे।
डीएमके अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए नई तमिलगा वेत्रि कड़गम सरकार से पूछा कि राधाकृष्णन की गिरफ्तारी के लिए क्या तत्काल जरूरत थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “यह ‘शुद्ध सत्ता’ वाली सरकार जिसने अभी तक श्रीवैकुंतम के टीवीके विधायक के खिलाफ दर्ज एक गिरोह बलात्कार पीड़िता की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, वह उसी मामले में समान तत्परता क्यों नहीं दिखा रही?”
स्टालिन का इशारा टीवीके विधायक जी. सरवनन के खिलाफ आरोपों की ओर था, जिनपर दो पुरुषों का समर्थन करने का आरोप है। यह मामला राजनीतिक दलों और तमिलनाडु की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस गिरफ्तारी से संबंधित मामले की अगली सुनवाई आने वाले दिनों में होगी, जिसमें विभिन्न पक्षों के बयान और सबूतों का विश्लेषण किया जाएगा। तमिलनाडु की राजनीति में यह घटना विवाद और बहस का नया अध्याय जोड़ती है।