गुरुग्राम में 105 करोड़ रुपये की स्टॉर्मवाटर ड्रेन परियोजना से मानसून बाढ़ से राहत की उम्मीद
गुरुग्राम शहर को मानसून के दौरान बार-बार पैदा होने वाली बाढ़ की समस्या से निजात दिलाने के लिए 105 करोड़ रुपये की स्टॉर्मवाटर ड्रेन (बारिश के पानी के निकास) प्रणाली विकसित की गई है। यह परियोजना नगर निगम द्वारा शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य जलभराव को कम करना और आपदा प्रबंधन क्षमता बढ़ाना है।
शहर में पिछले कुछ वर्षों में तेज मानसून के कारण भारी जल-जमाव हो रहा था, जिससे यातायात बाधित होता और जनजीवन प्रभावित होता था। विशेषज्ञों का मानना है कि नई ड्रेन चैनलिंग और जल निकासी उपाय शहर के पुराने ढांचे से बेहतर पानी निकासी सुनिश्चित करेंगे।
इस परियोजना में बड़े इलाके में जल निकासी हेतु कनेक्टेड ड्रेनेज सिस्टम स्थापित किया गया है, जिसमें पुराने पाइपलाइन नेटवर्क के पुनर्नवीनीकरण के साथ आधुनिक तकनीक का समावेश किया गया है। इसके तहत नालियों का विस्तार और गहराई बढ़ाने, साथ ही पॉइंट सोर्स वॉटर कलेक्शन व्यवस्था स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
परियोजना के दौरान पर्यावरणीय प्रभाव का भी आकलन किया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि जल निकासी प्रणाली का डिज़ाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह पानी को सीमित समय में बाहर निकाल सके और स्थानीय जल स्रोतों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि केवल इस स्टॉर्मवाटर ड्रेन परियोजना पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। वे मानते हैं कि शहर की अनियोजित शहरीकरण और हरित क्षेत्र में कमी को भी ध्यान में रखना आवश्यक है ताकि लंबे समय में स्थायी समाधान संभव हो सके।
नगर निगम द्वारा आगामी मानसून के पहले पूरे सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा और जनता को बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया जाएगा। इससे यह पता चलेगा कि कितना प्रभावी रूप से यह परियोजना मानसून के जलभराव को रोक पाती है।