वृक्ष पतन संकट गहराया: मुंबई में केवल 24 घंटे में 523 घटनाएं दर्ज
मुंबई में भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण वृक्षों के गिरने की घटनाओं में असाधारण वृद्धि देखी गई है। ब्रिहन्मुम्बई नगर निगम (BMC) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में शहर में कुल 523 वृक्ष गिरने की घटनाएं हुईं, जिनमें एक व्यक्ति की मृत्यु और दस अन्य के घायल होने की सूचना मिली है। यह आंकड़ा एक बार फिर मौसमी चुनौतियों और पुराने वृक्षों से उत्पन्न खतरा उजागर करता है।
पिछले कुछ वर्षों में वृक्ष पतन की संख्या लगातार बढ़ रही है। BMC के रिकॉर्ड के अनुसार, 2023 में 687 और 2024 में 653 वृक्ष पतन की घटनाएं हुईं, जबकि 2025 में यह संख्या 855 तक पहुंच गई। 2023 से 5 जुलाई 2026 तक वृक्ष गिरने से कम से कम 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जो कि 2020 से 2022 के बीच दर्ज चार मौकों की तुलना में बहुत अधिक है।
विभिन्न क्षेत्रों में घटनाओं का वितरण
पिछले 24 घंटों में 523 घटनाओं में से 185 की रिपोर्ट द्वीप क्षेत्र से, 150 की पूर्वी उपनगरों से और 188 की पश्चिमी उपनगरों से मिली है। इन बढ़ोतरी के पीछे लगातार हो रही भारी बारिश और तेज़ हवाएं मुख्य कारण हैं। मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (MMR) में भी भारी बारिश से हुए हादसों में 13 लोगों की मौत हुई, जिसमें मांकुर्ड में स्लम कालोनियों के ढहने से छह, कुरला और आर्य कॉलोनी में वृक्ष पतन से दो-दो, और वसई-वीरार, भिवंडी, अम्बरनाथ, वाशी में विभिन्न कारणों से अन्य मौतें शामिल हैं।
शहर में व्यापक नुकसान
वृक्षों के गिरने से न केवल जान-माल का नुकसान हुआ, बल्कि यातायात भी प्रभावित हुआ। माथुंगा स्थित महेश्वरी उद्यान के पास 200 वर्ष पुराने वृक्ष के ढहने से एक पार्क की गई कार क्षतिग्रस्त हुई। अंतोप हिल में एक वृक्ष के गिरने से पहाड़ी का हिस्सा भी धस गया, हालांकि वहां कोई हताहत नहीं हुआ। बृहन्मुंबई नगर निगम ने दिनभर 250 से अधिक वृक्ष गिरने की शिकायतें प्राप्त कीं, जिनमें बांद्रा, शिवाजी पार्क, माथुंगा और चेंबूर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहे।
हाल की गंभीर घटनाएं
हाल ही में, कुरला में 63 वर्षीय यूनुस कुंदावाला की मृत्यु एक वृक्ष की शाखा गिरने से हुई, जो इस सप्ताह मुंबई में वृक्ष गिरने से हुई तीसरी मौत थी। जोघेश्वरी में सोमवार सुबह एक वृक्ष गिरने से सात लोग घायल हुए, जिनमें से चार कोपर अस्पताल में भर्ती हैं। वर्ली के बी.डी.डी. छावनी में रविवार शाम को भी दो लोग वृक्ष गिरने से घायल हुए, जबकि उसी दिन एक 28 वर्षीय ऑटोरिक्शा यात्री भी इस प्रकार की घटना का शिकार हुआ।
मॉनसून की चुनौती जारी
मुंबई ने मानसून के पहले दो हफ्तों में अपनी वार्षिक वर्षा का लगभग 60 प्रतिशत प्राप्त कर लिया है, जिससे कई क्षेत्रों में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ तेज हवाओं की संभावना जताई है और मुंबई, पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और नासिक, पुणे व सतारा के घाट क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग की चेतावनी के अनुसार अचानक बाढ़ की संभावना भी बनी हुई है, जिससे वृक्ष पतन की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
नगर निगम ने निवासियों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है ताकि इस मौसमी संकट में जन सुरक्षा बेहतर बनाई जा सके।