एफआईएफए ने अमेरिकी फुटबॉलर फोलारिन बालोगुन का निलंबन हटाया, ट्रम्प के हस्तक्षेप पर विवाद
अमेरिकी स्टार स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन सोमवार रात (मंगलवार सुबह IST) को अमेरिकी पुरुष राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के साथ बेल्जियम के खिलाफ फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में शामिल होंगे।
यह फैसला उस एक मैच के निलंबन को निलंबित करने के बाद लिया गया है, जो बालोगुन को बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ पिछले मैच में मिले रुखे कार्ड की वजह से झेलना था।
पत्रकारिता रिपोर्ट्स, जिनमें द न्यू यॉर्क टाइम्स, द गार्डियन, और एसोसिएटेड प्रेस शामिल हैं, के अनुसार, यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से की गई निजी बातचीत के बाद लिया गया। ट्रम्प ने इस फैसले को पलटने के लिए दबाव डाला था।
संभावित रूप से, अमेरिकी टीम ने इस निर्णय का स्वागत किया है, जिससे उनके बेल्जियम के खिलाफ मुकाबले में जीत की संभावनाएं बढ़ गई हैं। ट्रम्प ने भी ट्रुथ सोशल पर लिखा, “फीफा का धन्यवाद जिन्होंने न्याय किया और इस बड़ी अन्याय को पलट दिया।”
वहीं, रॉयल बेल्जियन फुटबॉल एसोसिएशन ने इस फैसले को लेकर हैरानी जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि यह निर्णय टूर्नामेंट के नियमों के खिलाफ है, जहां रेड कार्ड मिलने पर खिलाड़ी को अपने टीम के अगले मैच से निलंबित रखा जाता है।
बेल्जियन एसोसिएशन ने कहा है कि वे “सभी संभावित विकल्पों” पर विचार कर रहे हैं, जिसमें कानूनी कदम लेना भी शामिल हो सकता है।
खेल राजनीति से हमेशा जुड़ा रहा है, लेकिन आमतौर पर यह खेल के मैदान के बाहर होता है। यदि यह रिपोर्ट सत्य है कि ट्रम्प ने राजनीतिक ताकत का उपयोग कर खेल के निर्णयों को बदला है, तो यह खेल की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाता है।
यह मामला फीफा की निष्पक्षता, टूर्नामेंट के नियम और खेल राजनीति के बीच टकराव को उजागर करता है, जो फुटबॉल प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच गहरी बहस का विषय बना हुआ है।
फीफा और संबंधित पक्षों से इस विवाद पर स्पष्टीकरण और आगे के कदम का इंतजार किया जा रहा है।