• Sat. Jul 11th, 2026

बारिश के बाद मुंबई के सार्वजनिक उद्यान खुलने को तैयार

Mumbai's Public Gardens to Reopen After Monsoon Safety Checks

मुंबई के सार्वजनिक उद्यान मानसून के बाद पुनः खोलने की तैयारी में

मुंबई में भारी मानसूनी बारिश के दौरान सुरक्षा कारणों से बंद nearly 500 सार्वजनिक उद्यान अगले सप्ताह फिर से खोलने की संभावना है। यह निर्णय Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) द्वारा जुलाई 7 को भारत मौसम विज्ञान विभाग के अत्यधिक बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी के बाद लिया गया था। बेमौसम पेड़ों के गिरने, टूटे हुए शाखाओं और अन्य खतरों के कारण आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह बंदी आवश्यक थी।

शहर भर के उद्यानों में विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण और मरम्मत कार्य पूरे किए गए हैं। पार्कों और पास की सड़कों से गिर चुके पेड़ और शाखाएँ हटाई गई हैं जबकि क्षतिग्रस्त क्षेत्रों का निरंतर मूल्यांकन जारी है। नागरिक उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उद्यानों को सोमवार या अगले सप्ताह के मध्य तक धीरे-धीरे पुनः खोला जाएगा, जब तक कमजोर पेड़, टंगे हुए शाखाएं और संभावित खतरे पूरी तरह से दूर न कर दिए जाएं। जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ही प्रवेश द्वार खोलने का निर्णय लिया जाएगा।

इस मानसून काल में अत्यधिक पेड़ गिरने की घटनाओं की बढ़ोतरी को देखकर यह सतर्कता बरती गई है। पिछले दो हफ्तों में शहर में तीन मामले दर्ज हुए जिनमें तीन लोगों की, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, पेड़ गिरने से मृत्यु हुई जबकि कई अन्य घायल हुए। लगातार बारिश, जलजमाव soil और तेज हवाओं के कारण पेड़ कमजोर हो गए हैं जिससे सार्वजनिक स्थानों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

जन सुरक्षा के लिए एक और गंभीर घटना 6 जुलाई को अंधेरी वेस्ट के लोखंडवाला गार्डन नंबर 2 में हुई, जहां रीजेंसी तृतीय क्रॉस रोड पर एक सीमेंट शीट गिरने से दो वृद्ध महिलाएं घायल हुईं जबकि पास में एक पुरुष योग अभ्यास कर रहा था। दोनों महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई। इस घटना ने पार्क के पेड़ एवं संरचनाओं की जांच की आवश्यकता को बल दिया है ताकि सार्वजनिक उपयोग से पहले उनकी सुरक्षा प्रमाणित की जा सके।

मानसून के प्रभाव का पैमाना नागरिक शिकायत रिकॉर्ड में भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। 1 जुलाई से मुंबई में गिरे हुए पेड़ों और शाखाओं से संबंधित 1,700 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जो पिछली वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग दोगुनी हैं। सर्वाधिक शिकायतें 5 जुलाई को मिलीं जब 523 पेड़ और शाखाओं के गिरने की घटनाएं दर्ज हुईं, इसके बाद 6 जुलाई को 428 घटनाएं हुईं। शिकायतों में यह तेज वृद्धि नागरिक टीमों को 24 घंटे शिविर में रहकर सफाई और मरम्मत कार्य करने पर मजबूर करती रही, ताकि सामान्य स्थिति बहाल करते हुए जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।

Source

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)