मुंबई में भ्रष्टाचार ट्रैप मामलों की न्यूनतम संख्या दर्ज, महाराष्ट्र में सुधार का संकेत
महाराष्ट्र के एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इस वर्ष जनवरी से जून के बीच राज्यभर में कुल 392 भ्रष्टाचार ट्रैप मामले दर्ज किए हैं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में बढ़ोतरी दर्शाता है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, राजस्व एवं भूमिदैनिकी विभाग के अधिकारी सबसे अधिक ट्रैप मामलों में शामिल पाए गए हैं, इसके बाद पुलिस विभाग, पंचायत समितियां और महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) का स्थान है। इस दौरान, 392 मामलों में 566 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 93 निजी व्यक्ति भी शामिल हैं। सबसे बड़ी संख्या क्लास III के सरकारी कर्मचारियों की रही, जबकि क्लास II, क्लास I तथा क्लास IV के अधिकारी भी भ्रष्टाचार ट्रैप में फंसे पाए गए। इन मामलों में मिली रिश्वत की कुल राशि लगभग 2.07 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो भ्रष्टाचार की गंभीरता को दर्शाती है।ट्रैप मामलों में गिरफ्तार व्यक्तियों का वर्गीकरण
- कुल व्यक्तियों की संख्या: 566
- निजी व्यक्ति: 93
- क्लास III के अधिकारी: 278
- क्लास II के अधिकारी: 74
- क्लास I के अधिकारी: 42
- क्लास IV के अधिकारी: 20
विभागवार रिश्वत की राशि
- पुलिस: ₹50.10 लाख
- राजस्व एवं भूमिदैनिकी: ₹32.61 लाख
- सेल्स टैक्स: ₹20.74 लाख
- सार्वजनिक कार्य: ₹19.22 लाख
- पंचायत समिति: ₹10.70 लाख
क्षेत्रवार ट्रैप मामले
- नाशिक: 84 मामले
- पुणे: 77 मामले
- छत्रपति संभाजीनगर: 56 मामले
- ठाणे: 55 मामले
- नागपुर: 37 मामले
- अमरावती: 35 मामले
- नांदेड: 30 मामले
- मुंबई: केवल 18 मामले

