सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार कांवड़ मार्गों पर 28 जुलाई से 12 अगस्त तक 26 चिकित्सा शिविर संचालित किए जाएंगे, जहां चौबीसों घंटे चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। शिविरों में 104 डॉक्टर और 212 पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही सरकारी और निजी अस्पतालों में कुल 250 बेड आरक्षित किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार मिल सके
जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एनएच 58, पाइपलाइन रोड तथा मेरठ तिराहा से आनंद विहार की ओर जाने वाले प्रमुख कांवड़ मार्गों पर चयनित स्थानों पर चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में प्राथमिक उपचार के लिए सभी आवश्यक दवाएं और चिकित्सा सामग्री उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा कांवड़ मार्ग पर 24 मोबाइल मेडिकल टीमें भी लगातार भ्रमण करेंगी, जिससे आवश्यकता पड़ने पर मौके पर ही चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रसिद्ध दूधेश्वरनाथ मंदिर परिसर में भी 24 घंटे चिकित्सा शिविर और एंबुलेंस की सुविधा रहेगी।
कांवड़ मेले के नोडल अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि मुरादनगर, मोदीनगर सहित कांवड़ मार्ग पर स्थित नौ सरकारी और 20 निजी अस्पतालों को इस व्यवस्था से जोड़ा गया है। इनमें सरकारी अस्पतालों में 120 और निजी अस्पतालों में 130 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 65 एंबुलेंस भी चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी। इनमें 40 सरकारी और 25 निजी एंबुलेंस शामिल हैं, जो कांवड़ मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तुरंत अस्पताल पहुंचाने का कार्य करेंगी।

