नायर अस्पताल में आपदा प्रबंधन के लिए नया वार्ड हुआ समर्पित
मुंबई के डॉ. बीवाईएल नायर अस्पताल में बीएमसी द्वारा संचालित पहली समर्पित आपदा प्रबंधन वार्ड का निर्माण हुआ है। इसी के साथ नया आकस्मिक ब्लॉक भी सोमवार, 13 जुलाई को महापौर रितु तावड़े के हाथों उद्घाटित किया गया, जिसमें बाल आपातकालीन देखभाल और अन्य अत्यावश्यक सुविधाएँ शामिल हैं।
नायर अस्पताल का यह कदम दुर्घटनाओं और बड़े आपदाओं के दौरान रोगियों के समुचित और तत्पर इलाज के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। अस्पताल के नये आकस्मिक भवन में बाल चिकित्सा आपातकालीन सेवा, सरल टांके लगाने के लिए लघु ऑपरेशन थियेटर और हड्डी रोग विशेषज्ञ के लिए प्लास्टर रूम उपलब्ध कराए गए हैं।
आपदा प्रबंधन वार्ड नये आकस्मिक ब्लॉक की एक पूरी मंजिल पर विस्तृत होगा और इसे अगले छह महीनों में चालू कर दिया जाएगा। प्रारंभ में इस वार्ड में लगभग 20-21 बेड होंगे जो एक साथ कई आपातकालीन मरीजों की देखभाल कर सकेंगे। इस विभाग में दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और अन्य आवश्यक सामग्री का भंडार भी रखा जाएगा। जल्दी जांच के लिए रक्त संग्रह कक्ष भी संचालन में रहेगा।
यह वार्ड प्राकृतिक तथा मानवजनित आपदाओं दोनों के लिए तैयार है। यहां भूकंप, विस्फोट, भवन गिरना, बड़ी आग और सड़क दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में रोगियों का इलाज किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एक अलग रोगी प्रदूषण मुक्त रिकवरी क्षेत्र भी बनेगा जहां कीटाणु या विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आए लोगों का उपचार किया जाएगा।
अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, रोगियों का प्राथमिक प्रवेश और स्थिरीकरण इस वार्ड में कराया जाएगा, जिसके पश्चात् उन्हें आवश्यक विशेषज्ञ उपचार के लिए अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित किया जाएगा। जलने के घायलों का तात्कालिक उपचार नायर अस्पताल में होगा, उसके बाद उन्हें जल चिकित्सा और प्लास्टिक सर्जरी के लिए समर्पित कस्तूरबा अस्पताल भेजा जाएगा।
इस वार्ड के लिए चुनी गई जगह वर्तमान में कार्डियोलॉजी इंटेंसिव केयर यूनिट के रूप में प्रयोग हो रही है क्योंकि इसका मुख्य कार्डियक वार्ड नवीनीकरणाधीन है। यह सुविधा पहले से ऑक्सीजन लाइन और अन्य आवश्यक चिकित्सा संसाधन तक सुसज्जित है। नवीनीकरण पूर्ण होने पर यह स्थान पूरी तरह से समर्पित आपदा प्रबंधन यूनिट में परिवर्तित हो जाएगा।
जब कोई आपदा या बड़ी दुर्घटना नहीं होती, तब यह वार्ड सामान्य आघातग्रस्त रोगियों और तत्काल प्राथमिक चिकित्सा की आवश्यकता वाले रोगियों के लिए उपलब्ध रहेगा क्योंकि यहां पहले से ही आवश्यक सभी चिकित्सा संसाधन उपलब्ध होंगे।
यह घोषणा अस्पताल में आकस्मिक एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवा विभाग के नवीनीकृत उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान की गई। आकस्मिक विभाग अब बाल चिकित्सा, अस्थि रोग एवं चिकित्सा आपातकालीन सेवा प्रदान करता है। इसमें लघु ऑपरेशन थियेटर, प्लास्टर रूम, एक्स-रे एवं पैथोलॉजी सुविधाएं शामिल हैं।
यह विभाग दिन-रात राज्य सरकार की चिकित्सा दावे योजनाओं के तहत अनुमति प्रक्रिया के लिए विशेष अनुभाग प्रदान करता है, जो पहले केवल निर्धारित समय पर उपलब्ध थी। अब आपातकालीन ऑपरेशन अनुमतियाँ किसी भी समय प्राप्त की जा सकती हैं।
नई सुविधा में मुर्दाघर भी शामिल होगा। एक आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी मीडिको-लीगल मामलों को पूरी कानूनी प्रक्रिया तक संभालेंगे। अंततः मौजूदा आकस्मिक भवन के स्थान पर निवासी चिकित्सा अधिकारियों के लिए 20-मंजिला आधुनिक आवासीय इमारत बनेगी।