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मुंबई में डेंगू के मामले 28% बढ़े, मलेरिया 18% और H1N1 लगभग तीन गुना बढ़ा 2026 में

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Jul 16, 2026 #source
Mumbai Dengue Cases Up 28%, Malaria Up 18%, H1N1 Nearly Triples in 2026
मुंबई में डेंगू, मलेरिया और H1N1 के मामले बढ़े; बीएमसी ने कड़ी निगरानी की बात कही

मुंबई में इस वर्ष मानसून के मौसम में कई संक्रामक बीमारियों के मामले पिछले साल की तुलना में काफी बढ़ गए हैं। विशेष रूप से डेंगू, मलेरिया, लेप्टोस्पायरोसिस तथा H1N1 फ्लू के मरीजों में बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो महापौर निगम की ताजा स्वास्थ्य रिपोर्ट में सामने आई है।

2026 की पहली जुलाई तक प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, डेंगू के मामले 27.8% बढ़े हैं, वहीं मलेरिया के मामले 18.2% और H1N1 के मामले लगभग तीन गुना अधिक दर्ज किए गए हैं।

संक्रामक बीमारियों का विस्तृत आंकड़ा:

  • डेंगू के मामले 2025 में 734 थे, जो 2026 में बढ़कर 938 हो गए हैं।
  • मलेरिया के केस 3115 से बढ़कर 3681 हो गए हैं।
  • लेप्टोस्पायरोसिस के मामले भी 15.4% की वृद्धि के साथ 136 से 157 हुए हैं।
  • H1N1 के मामले 42 से 113 तक पहुंच गए हैं, जो लगभग तीन गुना है।
इसके विपरीत, चिकनगुनिया, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और कोविड-19 के मामले में कमी देखी गई है। खासकर चिकनगुनिया में 82.7% की गिरावट दर्ज हुई है।

भारी बारिश में लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा बढ़ा

बीएमसी ने बताया कि लगातार भारी बारिश और जल जमाव ने लेप्टोस्पायरोसिस फैलने के अनुकूल पर्यावरण बनाया है। इस बीमारी के फैलाव को रोकने हेतु लोगों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि वे जलजमाव वाले इलाकों में नंगे पैर न चलें और बाढ़ के पानी से संपर्क में आने पर सावधानी बरतें।

सर्वेक्षण एवं रोकथाम के उपाय

महानगरपालिका ने इस वर्ष मानसूनी बीमारियों के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए व्यापक सर्वेक्षण और रोकथाम कार्यक्रम शुरू किए हैं। 10.69 लाख घरों का निरीक्षण किया गया, 36.81 लाख निवासियों को कवर किया गया, और 1,00,472 रक्त परीक्षण किए गए। साथ ही 96 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए और 90,728 लोगों को लेप्टोस्पायरोसिस की रोकथाम के लिए दवा दी गई।

लगभग 3,000 निर्माण स्थलों पर 54,763 श्रमिकों का मलेरिया जांच के लिए स्क्रीनिंग किया गया, जिसमें 37 मलेरिया पॉजिटिव मिले और उनका इलाज किया गया।

एंटी-मच्छर अभियान को तेज किया गया

मच्छर नियंत्रण दलों ने पूरे मुंबई में बड़े पैमाने पर निरीक्षण और फॉगिंग अभियान चलाया। 49,599 मच्छर पालने वाले स्थानों का निरीक्षण किया गया; इनमें 5,341 अनोफलीज और 22,041 एडिस प्रजाति के होने की पुष्टि हुई। 66,595 पुराने टायर तथा पानी जमा करने वाले अन्य वस्तुओं को हटाया गया। कुल 51,937 भवनों और 7.95 लाख झुग्गी-झोपड़ियों में फॉगिंग की गई।

निवासियों से अपील की गई है कि वे अपने आसपास जल जमाव न हो, मच्छरदानी और कीटनाशक का इस्तेमाल करें और बुखार व अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सीय सहायता लें।

डॉक्टरों ने वायरल बुखार के मामलों में वृद्धि की सूचना दी

अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल की इंटर्नल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. छाया वाजा के अनुसार, वर्तमान में अधिकांश ओपीडी विजिटरों के दो-तीन में से एक मरीज उच्च बुखार या वायरल संक्रमण से प्रभावित है। पिछले दो महीने में 22 से 65 वर्ष के वयस्कों में वायरल संक्रमण में लगभग 20% की वृद्धि हुई है।

आम लक्षण:

  • बुखार
  • गले में खराश
  • खांसी
  • शरीर में दर्द
  • थकावट
उन्होंने लोगों से सुझाव दिया है कि यदि ये लक्षण दो दिन से अधिक बने रहें तो चिकित्सीय परामर्श अवश्य लें।

महाराष्ट्र में स्थिति:

राज्य स्तर पर देखा जाए तो मलेरिया और डेंगू के मामले गत वर्ष की तुलना में इस साल कम हैं, लेकिन मुंबई में इनका इकलौता उछाल चिंता का विषय है। साथ ही तीन डेंगू से संबंधित मौतें भी इस वर्ष दर्ज की गई हैं, जबकि पिछले साल ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी।

स्वास्थ्य अधिकारी सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहते हैं कि मानसून का चरम काल अभी बाकी है, इसलिए आवश्यक है कि नागरिक साफ-सफाई, जल निकासी और मच्छर नियंत्रण में लगातर सतर्कता बरतें।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)