RML अस्पताल में 100 से अधिक CJP विरोधी घायल, कुछ की हालत गंभीर
दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के आपातकालीन विभाग में 100 से अधिक CJP (Common Justice Platform) के प्रदर्शनकारी भर्ती हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को सिर पर कई बार चोट लगी है, जिसके कारण वे आईसीयू में हैं।
प्रदर्शनकारी उच्च न्यायालय और सरकार के निर्णयों के खिलाफ लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में विरोध प्रदर्शन तेज होने के साथ-साथ हिंसक हो गया है। पुलिस ने भी स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कड़ा रुख अपनाया है, जिससे झड़पें हुईं और कई लोग घायल हुए।
RML अस्पताल के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अभी भर्ती हुए कई प्रदर्शनकारियों की स्थिति गंभीर है और उन्हें विशेष चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है। अस्पताल ने अतिरिक्त संसाधन तैनात कर रखे हैं ताकि सभी घायल प्रभावी ढंग से इलाज कराए जा सकें।
इस घटना ने राजधानी में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है। प्रशासन ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय किए हैं, लेकिन तनाव बढ़ता जा रहा है।
संसद सदस्य और नागरिक समाज ने प्रदर्शनकारियों के प्रति सहानुभूति जताई है लेकिन कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है। अधिकारियों ने अपील की है कि सभी पक्ष शांति बनाए रखें और संवैधानिक तरीकों से अपनी बात रखें।
इस संदर्भ में, यह घटना कई अहम प्रश्न उठाती है कि विरोध और आंदोलन के दौरान किस हद तक हिंसा जायज ठहराई जा सकती है और प्रशासन का दायित्व कहां तक सीमित होता है। देश में लोकतंत्र के आधार के रूप में शांति एवं संवाद की आवश्यकता को यहां पुनः समझना होगा।