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ग्रेटर नोएडा: केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया

श्रमिक हिंसा से जुड़े मामले में आरोपी आकृति चौधरी की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों को निर्धारित समय के भीतर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं

याचिका आकृति चौधरी की ओर से दाखिल की गई है, जबकि इस मामले में भारत संघ सहित चार अन्य को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजवेंद्र सिंह के साथ चार्ली प्रकाश और कमल कृष्ण राय ने पक्ष रखा। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसके पाल और राज्य सरकार की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता (एजीए) ने न्यायालय में उपस्थित होकर नोटिस स्वीकार किया। हाईकोर्ट ने प्रतिवादी पक्षों को तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर हलफनामा (रिजॉइंडर एफिडेविट) दाखिल करने की अनुमति दी गई है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 को नियत करते हुए इसे नई वाद सूची में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )