• Wed. Jul 22nd, 2026

मुंबई-रत्नागिरी सीप्लेन परियोजना ने एमएमबी के वित्तीय अध्ययन आरंभ करने के साथ पहला कदम बढ़ाया

Byadmin

Jul 22, 2026 #source
Mumbai-Ratnagiri Seaplane Project Takes First Step as MMB Launches Feasibility Study

मुंबई-रत्नागिरी सीप्लेन सेवा: महाराष्ट्र मरिटाइम बोर्ड ने छेड़ा पहला कदम

महाराष्ट्र मरिटाइम बोर्ड (एमएमबी) ने मुंबई और रत्नागिरी के बीच सीप्लेन सेवा शुरू करने के लिए प्रारंभिक पहल की है, जिसका उद्देश्य कोंकण क्षेत्र में कनेक्टिविटी सुधारना और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

इस प्रक्रिया के तहत, बोर्ड ने रत्नागिरी जिले के भागवती और भाटिये में फिजिबिलिटी स्टडी करने का निर्णय लिया है ताकि यह तय किया जा सके कि ये क्षेत्र सीप्लेन संचालन के लिए उपयुक्त हैं या नहीं। यह प्रस्ताव हाल ही में महाराष्ट्र के बंदरगाह और मत्स्य मंत्री उदय सामंत द्वारा पर्यटन संवर्धन और क्षेत्रीय यातायात मजबूती के लिए घोषित किया गया था।

प्रस्ताव को पहले ही उद्योग विभाग के साथ विचार-विमर्श किया जा चुका है और अब इसे आधिकारिक मंजूरी के लिए महाराष्ट्र मरिटाइम बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। बोर्ड एक स्वतंत्र संचालन निकाय के रूप में कार्य करता है, अतः परियोजना को आवश्यक वैधानिक, कानूनी और प्रशासनिक मंजूरियां प्राप्त करनी होंगी।

मंजूरी मिलने के बाद विशेषज्ञ प्रस्तावित मार्ग और संचालन स्थलों का व्यापक तकनीकी अध्ययन करेंगे। इस अध्ययन में समुद्री धाराएं, ज्वारीय पैटर्न, वायु परिस्थितियां और सुरक्षित उतराई एवं टेक-ऑफ के स्थानों की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण कारकों का मूल्यांकन शामिल होगा। इन निष्कर्षों के आधार पर एक तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो व्यावसायिक सीप्लेन संचालन की व्यवहार्यता तय करेगी।

साथ ही, एमएमबी एक स्वतंत्र वित्तीय सलाहकार नियुक्त करेगा, जो परियोजना की आर्थिक व्यवहार्यता का आकलन करेगा। इस अध्ययन में संचालन लागत, अनुमानित यात्री मांग और टिकट मूल्य निर्धारण की रणनीतियों का विश्लेषण किया जाएगा ताकि सेवा यात्रियों के लिए सस्ती और संचालक के लिए आर्थिक रूप से टिकाऊ बनी रहे।

तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन पूरे होने के बाद ही अंतिम मार्ग, उड़ान कार्यक्रम और टिकट कीमतों का निर्णय होगा।

यदि परियोजना को अनुकूल पाया जाता है और लागू किया जाता है, तो मुंबई-रत्नागिरी सीप्लेन सेवा दोनों स्थानों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी लाने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देगी, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर करेगी और कोंकण की स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी।

Source

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)