युवाओं का विरोध: राहुल गांधी ने छात्रों के खिलाफ हो रहे दमन पर जताई चिंता
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि जुलाई में परीक्षा प्रबंधन के विरोध में शामिल हुए छात्रों के खिलाफ अब प्रताड़ना की जा रही है और उनके घरों में गुंडे भेजे जा रहे हैं।
नई दिल्ली, मुंबई, झारखंड और उत्तर प्रदेश से आए प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों ने कोई गलती नहीं की है इसलिए उन्हें माफी स्वीकार करने की आवश्यकता नहीं है।
यह टिप्पणी उन्होंने उस वीडियो संदर्भ में की, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को साझा किया था। वीडियो में मोदी ने छात्रों को माफी देने की इच्छा जताई थी, जिन्होंने कथित तौर पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, “मैं समाज में पाई जा रही नाराजगी को समझता हूं। हमारी बेटियों द्वारा इस भाषा का इस्तेमाल एक सांस्कृतिक झटका है। इसी समय उन्हें सही रास्ता दिखाने की जरूरत है। वे भटक गईं हैं।”
राहुल गांधी ने कहा कि जबकि छात्र मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए खड़े हैं, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री के पास इस तरह का सामना करने का साहस नहीं है।
कांग्रेस नेता ने यह भी बताया कि युवा प्रदर्शनकारियों से उनकी खुली और ईमानदार बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें किस तरह से मारा-पीटा और धमकाया गया। राहुल गांधी ने इस बहादुरी पर युवाओं की प्रशंसा की।
यह विरोध प्रदर्शन उन परीक्षाओं की गलत प्रबंधन के खिलाफ हुए थे, जिनमें युवाओं को कई समस्याओं और असमंजसों का सामना करना पड़ा था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी आवाज दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक है।