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BRICS Summit 2026: भारत मंडपम में जुटे दुनिया के बड़े नेता, मोदी-जिनपिंग-पुतिन की अहम मुलाकात

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। भारत इस बार BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन की मेजबानी कर रहे हैं। दो दिवसीय सम्मेलन में BRICS देशों के प्रमुखों के साथ साझेदार देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए हैं।

भारत की BRICS अध्यक्षता का मुख्य विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखा गया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “Humanity First” दृष्टिकोण पर आधारित है। भारत की अध्यक्षता के दौरान 25 से अधिक शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मोदी-जिनपिंग की अहम द्विपक्षीय बैठक

BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई। यह मुलाकात भारत और चीन के रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच 2020 के सीमा विवाद के बाद संबंधों में तनाव आया था, लेकिन पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशें हुई हैं।

शी जिनपिंग सात साल बाद भारत पहुंचे हैं। उनके दौरे को दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मोदी-पुतिन की भी मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। बातचीत में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, उर्वरक, परिवहन और सांस्कृतिक सहयोग जैसे मुद्दे शामिल रहे।

पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को रूस में होने वाले भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

BRICS नेताओं की फैमिली फोटो और पौधारोपण

सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ BRICS देशों के नेताओं ने फैमिली फोटो खिंचवाई। इसके बाद नेताओं ने संयुक्त रूप से पौधारोपण भी किया। भारत मंडपम में हुए इन कार्यक्रमों में मोदी, पुतिन और जिनपिंग समेत कई प्रमुख नेता एक साथ नजर आए।

नई दिल्ली घोषणा पत्र पर सहमति

BRICS देशों के नेताओं ने New Delhi Declaration 2026 को सर्वसम्मति से स्वीकार किया। घोषणा पत्र में अंतरराष्ट्रीय विवादों को बातचीत, परामर्श और कूटनीति के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने पर जोर दिया गया है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर भी अधिकतम संयम बरतने की अपील की गई।

गाजा को लेकर भी चिंता

BRICS नेताओं ने गाजा की स्थिति पर चिंता जताई और युद्धविराम की जरूरत पर जोर दिया। जबरन विस्थापन का विरोध किया गया और नागरिकों की सुरक्षा तथा मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की बात कही गई।

पीएम मोदी ने ग्लोबल साउथ को लेकर दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS मंच से कहा कि ग्लोबल साउथ को केवल नियमों का पालन करने वाला नहीं, बल्कि नियम बनाने वाला भी बनना चाहिए। उन्होंने वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों की भागीदारी और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।

मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समेत अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि वैश्विक शासन व्यवस्था में प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम बनाने की प्रक्रिया में सुधार जरूरी है।

BRICS की वैश्विक ताकत का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि BRICS देश आज दुनिया की करीब 50 प्रतिशत आबादी, लगभग 40 प्रतिशत GDP और 25 प्रतिशत से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने BRICS को आर्थिक शक्ति के साथ-साथ नवाचार और सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बताया।

शी जिनपिंग ने क्या कहा?

शी जिनपिंग ने BRICS की भूमिका को वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि BRICS देशों को अंतरराष्ट्रीय मामलों में सहयोग बढ़ाना चाहिए और वैश्विक शांति एवं स्थिरता के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

उन्होंने मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को लेकर चिंता जताई और कहा कि चीन BRICS देशों के साथ मिलकर शांति और स्थिरता कायम करने की कोशिश करेगा।

जिनपिंग ने BRICS देशों से “इतिहास के सही पक्ष” पर खड़े होने और सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया।

2027 की BRICS Summit की मेजबानी चीन करेगा

BRICS सम्मेलन के दौरान यह भी सामने आया कि 2027 में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी चीन करेगा।

कुल मिलाकर, दिल्ली में हो रहा BRICS Summit 2026 वैश्विक राजनीति, भारत-चीन संबंधों, भारत-रूस संबंधों, ग्लोबल साउथ की भूमिका और मध्य पूर्व जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)