उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने राज्य के छह जिलों में 2,380.04 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले 13 नए हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के तहत बाराबंकी, लखनऊ, वाराणसी, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और आगरा में करीब 4,724 हाउसिंग और कमर्शियल यूनिट्स विकसित किए जाने की उम्मीद है।
एनसीआर के प्रॉपर्टी खरीदारों के लिहाज से गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के प्रोजेक्ट्स खास हैं। गाजियाबाद में तीन परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है, जिनमें दो कमर्शियल और एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट शामिल है। वहीं गौतम बुद्ध नगर यानी नोएडा में एक रेजिडेंशियल और एक कमर्शियल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के आने से दोनों शहरों में घर और कमर्शियल प्रॉपर्टी के विकल्प बढ़ सकते हैं।
प्रोजेक्ट खरीदने से पहले किन बातों की जांच करें?
किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश या खरीदारी से पहले बिल्डर द्वारा किए गए दावों को RERA के दस्तावेजों से जरूर मिलाएं। कार्पेट एरिया, टावरों की संख्या, फ्लोर, उपलब्ध सुविधाओं और पजेशन की तारीख जैसी जानकारियों की जांच करना जरूरी है।
पूरी लागत का हिसाब लगाएं
सिर्फ फ्लैट की कीमत देखकर बजट तय न करें। GST, स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन, पार्किंग, मेंटेनेंस, क्लब चार्ज, लोन और ब्रोकरेज समेत अन्य खर्चों को जोड़कर कुल लागत का आकलन करें।
खरीदारी का फैसला केवल ब्रोशर या सेल्स एजेंट की जानकारी के आधार पर न लें। इसके लिए आधिकारिक दस्तावेजों को देखना और उनकी जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।
2,380 करोड़ रुपये के निवेश का स्थानीय बाजार पर असर
इन 13 परियोजनाओं में होने वाले निवेश से निर्माण गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। इससे घरों के निर्माण से जुड़े कारोबारों को फायदा मिल सकता है।
निर्माण गतिविधियां बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। घर खरीदारों के नजरिए से देखें तो नए प्रोजेक्ट किसी इलाके में विकास की रफ्तार को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
हालांकि, केवल किसी नए प्रोजेक्ट की मंजूरी मिलने से उस इलाके में प्रॉपर्टी की मांग या कीमत बढ़ना तय नहीं है। खरीदारों को यह भी जांचना चाहिए कि संबंधित क्षेत्र में वास्तविक मांग कितनी है और वहां जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
क्या सिर्फ RERA मंजूरी के आधार पर घर खरीदना सही है?
अगर आप एनसीआर में घर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो UP RERA की मंजूरी को प्रोजेक्ट की जांच शुरू करने के एक आधार के रूप में जरूर देखें, लेकिन केवल मंजूरी मिलने के कारण तुरंत बुकिंग करने से बचें।
प्रॉपर्टी खरीदते समय लोकेशन, कनेक्टिविटी, बजट, निर्माण की गुणवत्ता, कानूनी दस्तावेज और जमीन के मालिकाना हक की जांच करना सबसे महत्वपूर्ण है।
अगर मकसद निवेश के लिए प्रॉपर्टी खरीदना है तो किराये की संभावित मांग, भविष्य में प्रॉपर्टी को आसानी से बेच पाने की संभावना, आसपास विकसित हो रहे दूसरे प्रोजेक्ट्स और निवेश से बाहर निकलने के विकल्पों पर भी ध्यान दें।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 2,380 करोड़ रुपये के निवेश से यह सुनिश्चित नहीं होता कि प्रॉपर्टी की कीमत भविष्य में जरूर बढ़ेगी। रियल एस्टेट से मिलने वाला रिटर्न कई अलग-अलग कारकों पर निर्भर करता है और इसमें किसी निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं होती।
डिस्क्लेमर
प्रॉपर्टी निवेश से मिलने वाला रिटर्न बाजार की स्थिति, प्रोजेक्ट की गुणवत्ता, इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और वित्तीय परिस्थितियों समेत कई कारकों पर निर्भर करता है। खरीदारों को निवेश से पहले सभी कानूनी मंजूरियों और दस्तावेजों की उचित जांच करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर वित्तीय विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए।

