ग्रेटर नोएडा में एसएससी परीक्षाओं के दौरान प्रॉक्सी सर्वर के जरिए नकल कराने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। नोएडा एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कंपनी एएसएसईएसएस इंफ्रा के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र के बालाजी डिजिटल जोन कंप्यूटर लैब में छापेमारी कर सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
परीक्षा केंद्रों की जिम्मेदारी संभालती थी कंपनी
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि एएसएसईएसएस इंफ्रा का काम परीक्षा केंद्रों का चयन करना, उनकी सुरक्षा जांच यानी सिक्योरिटी ऑडिट कराना और केंद्र संचालकों व कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना था। इस काम के बदले संबंधित कंपनी उसे तय शुल्क देती थी।
जांच में यह भी पता चला कि बालाजी डिजिटल जोन को एसएससी परीक्षा केंद्र के तौर पर एएसएसईएसएस इंफ्रा ने ही चुना था।
16 परीक्षाएं हुईं, लेकिन नहीं किया गया भुगतान
बालाजी डिजिटल जोन में साल 2025 से अब तक एसएससी की 16 परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं। हालांकि, इन परीक्षाओं के आयोजन के लिए एएसएसईएसएस इंफ्रा ने केंद्र संचालक को निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं किया।
जांच के मुताबिक, तय रकम नहीं देने के बदले कंपनी की ओर से परीक्षा केंद्र संचालक को सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने की छूट दी जाती थी। इसके बाद केंद्र संचालक प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से पैसे लेकर नकल कराने की व्यवस्था करता था।
कई राज्यों तक फैला है नेटवर्क
एसटीएफ के मुताबिक, इस गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली के कई संदिग्ध परीक्षा केंद्रों तक फैला हुआ है।
अप्रैल 2026 में देहरादून के महादेव डिजिटल जोन में भी प्रॉक्सी सर्वर के जरिए नकल कराने का मामला सामने आया था। इस संबंध में देहरादून कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें प्रदीप चौहान को मुख्य आरोपी बताया गया था।
इसके बावजूद ग्रेटर नोएडा स्थित प्रदीप चौहान की दूसरी लैब, बालाजी डिजिटल जोन को दोबारा परीक्षा केंद्र बना दिया गया।
कंपनी के दो डायरेक्टर गिरफ्तार
एसटीएफ के अनुसार, एएसएसईएसएस इंफ्रा परीक्षा केंद्रों के चयन से जुड़ी प्रमुख कार्यकारी संस्था थी। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर कंपनी के डायरेक्टर गगनदीप शर्मा और यादवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
दोनों के खिलाफ नॉलेज पार्क कोतवाली में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

