ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश के विकास और कारोबारी माहौल को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि यूपी अब सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।
ट्रेड शो के तीसरे दिन आयोजित विशेष बिजनेस सेशन में पीयूष गोयल मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल पार्क और आधुनिक तकनीक से जुड़े प्रोजेक्ट तेजी से बढ़ रहे हैं। डिफेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश को उन्होंने प्रदेश में हो रहे बदलाव का उदाहरण बताया।
ग्लोबल मार्केट में पहुंच रहे यूपी के प्रोडक्ट
पीयूष गोयल ने कहा कि नोएडा के आसपास तेजी से विकसित हो रही रोबोटिक्स इंडस्ट्री दिखाती है कि यूपी अब नए और आधुनिक सेक्टर में भी आगे बढ़ रहा है। अब प्रदेश की विकास यात्रा को इंटरनेशनल ट्रेड, एक्सपोर्ट, विदेशी निवेश और टूरिज्म से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यूपी के स्थानीय ब्रांड और यहां तैयार होने वाले कई प्रोडक्ट अब विदेशी बाजारों तक पहुंच बना रहे हैं। सरकार ने 2030 तक प्रदेश के एक्सपोर्ट को 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
2017 के बाद बदले कारोबारी हालात का किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने अपने 2017 के अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय यूपी में कानून-व्यवस्था और कारोबार के माहौल को लेकर कई तरह की चिंताएं थीं। निवेशकों और उद्यमियों के बीच भरोसा कम था और बड़े उद्योगों के प्रदेश में आने को लेकर ज्यादा उत्साह नहीं दिखता था।
उन्होंने कहा कि उस दौर में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और पलायन जैसे मुद्दों को लेकर भी चर्चा होती थी। ऐसे माहौल में रोबोटिक्स, डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर जैसे नए क्षेत्रों में बड़े निवेश की कल्पना करना मुश्किल था।
जनता के सुझावों से तैयार हुआ था संकल्प पत्र
पीयूष गोयल ने 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान संकल्प पत्र तैयार करने की प्रक्रिया का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय पार्टी कार्यकर्ताओं ने गांवों और घरों तक जाकर लोगों से उनकी जरूरतों और उम्मीदों के बारे में सुझाव लिए थे।
युवाओं, महिलाओं और अलग-अलग वर्गों से मिले सुझावों को इकट्ठा कर संकल्प पत्र तैयार किया गया था। उन्होंने बताया कि उस समय प्रदेश के सीमित बजट और वित्तीय दबाव के बीच इन उम्मीदों को पूरा करना बड़ी चुनौती थी।
राजस्व बढ़ने से विकास के लिए बढ़े संसाधन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश के राजस्व संग्रह में भी बढ़ोतरी हुई है। उनके मुताबिक, सरकार के पास अब सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और जनकल्याण से जुड़े कामों के लिए पहले की तुलना में ज्यादा संसाधन हैं।
उन्होंने आबकारी राजस्व का उदाहरण देते हुए कहा कि 2016-17 के मुकाबले इसमें करीब पांच गुना वृद्धि हुई है। इसी तरह भूमि रजिस्ट्रेशन, स्टांप ड्यूटी और खनन समेत दूसरे स्रोतों से मिलने वाले राजस्व में भी बढ़ोतरी का दावा किया गया।
गोयल ने कहा कि पहले प्रदेश को वित्तीय दबाव और राजस्व घाटे का सामना करना पड़ता था, जबकि अब राज्य सरकार सरप्लस बजट पेश करने की स्थिति में है।
ग्लोबल बिजनेस के लिए ट्रेड शो अहम मंच
पीयूष गोयल ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को सिर्फ एक व्यापारिक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि यूपी के कारोबारियों को दुनिया के बाजारों से जोड़ने वाला मंच बताया।
उन्होंने कहा कि भारत के अलग-अलग देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का फायदा यूपी के उद्यमी भी उठा सकते हैं। इसके जरिए भारतीय उत्पादों के लिए कई विदेशी बाजारों में नए अवसर खुल रहे हैं।
उन्होंने कारोबारियों से कहा कि वे ग्लोबल मार्केट की जरूरत को समझें और अपने प्रोडक्ट की क्वालिटी, इनोवेशन और प्रतिस्पर्धा क्षमता पर लगातार काम करें।
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, बेहतर औद्योगिक नीतियों और निवेश के माहौल के चलते उत्तर प्रदेश में अलग-अलग सेक्टर से कंपनियां और कारोबारी प्रतिनिधिमंडल पहुंच रहे हैं। इससे निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर बनने की संभावना भी बढ़ रही है।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग विभाग से जुड़े प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

