उत्तर प्रदेश की श्रम आयुक्त सौम्या अग्रवाल ने सोमवार को गौतमबुद्धनगर स्थित अपर श्रम आयुक्त कार्यालय और उप निदेशक, कारखाना कार्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालयों में अभिलेखों और पत्रावलियों के रख-रखाव, साफ-सफाई तथा कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डिस्पैच रजिस्टर, वादों की कार्यवाही से संबंधित रजिस्टर, उपकर संग्रहण की पत्रावलियां, स्थापना अनुभाग के रिकॉर्ड, कैशबुक और लेजर सहित विभिन्न अभिलेखों की जांच की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अभिलेखों का उचित रख-रखाव करने तथा कार्यालय की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
श्रम आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता की शिकायतों का त्वरित कार्रवाई करते हुए संतुष्टि के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, वादों का समयबद्ध निस्तारण करने और पुराने मामलों की सूची तैयार कर उन पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। त्योहारों के मद्देनजर जिले में औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए सेवायोजकों और कर्मचारियों के बीच निरंतर संवाद स्थापित करने तथा छोटे-छोटे विवादों को भी गंभीरता से लेने के निर्देश दिए।
इसके बाद श्रम आयुक्त ने उप निदेशक, कारखाना कार्यालय का भी निरीक्षण किया और वहां रखे अभिलेखों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदन पत्रों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा उद्योगों और कारखानों को आवश्यकतानुसार सकारात्मक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कारखाना स्वामियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर सौम्या अग्रवाल ने ग्रेटर नोएडा स्थित एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड में आयोजित संवाद कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम में जिले के प्रमुख उद्यमियों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ नवीन श्रम संहिताओं, उनके प्रमुख प्रावधानों और अनुपालन से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन, बेहतर औद्योगिक संबंध बनाए रखने और उद्यमियों एवं श्रमिकों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने पर विचार-विमर्श हुआ।
संवाद कार्यक्रम में श्रम आयुक्त ने सभी कारखानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली (Grievance Redressal System) स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं और शिकायतों का समाधान संस्थान स्तर पर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने उद्यमियों को श्रमिकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने और ऐसी व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं की गुंजाइश न रहे तथा श्रमिकों तक सही और प्रमाणिक जानकारी समय पर पहुंच सके।
श्रम आयुक्त ने बताया कि निवेश मित्र पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने अधिक से अधिक औद्योगिक प्रतिष्ठानों और उद्यमियों का पोर्टल पर पंजीकरण कराने तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की अपेक्षा जताई। इसके अलावा, निरीक्षण के लिए तैयार की जा रही चेकलिस्ट को अंतिम रूप देने से पहले संबंधित औद्योगिक संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ साझा करने का सुझाव दिया, ताकि उनके सुझावों के आधार पर इसे व्यावहारिक, स्पष्ट और उद्योगों के अनुकूल बनाया जा सके।
कार्यक्रम में अपर श्रम आयुक्त, उप निदेशक कारखाना, सहायक श्रम आयुक्त, सहायक निदेशक कारखाना, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, विभिन्न उद्यमी संगठनों के प्रतिनिधि और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड के अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों द्वारा उठाए गए सवालों और जिज्ञासाओं का भी समाधान किया गया। श्रम आयुक्त ने उद्योगों में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने, श्रम कानूनों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने और श्रमिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विभाग एवं उद्योगों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने का आह्वान किया।

