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गुरुग्राम: एक महीने के भीतर सभी सड़कों की मरम्मत कर उन्हें चलने के योग्य बनाया जाए

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अधिकारी जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ करें। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के समग्र विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अगले एक महीने के भीतर सभी सड़कों की मरम्मत कर उन्हें चलने के योग्य बनाया जाए।
मुख्यमंत्री सोमवार को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में 17 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 12 का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि 05 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सेक्टर-10ए स्थित उमंग भारद्वाज चौक से वाया गाडौली होते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे तक सड़क की खस्ताहाल स्थिति की शिकायत पर संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि 24 घंटे के भीतर सड़क को गड्ढा-मुक्त किया जाए। सड़क पर यदि कहीं भी अतिक्रमण है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर तुरंत हटाया जाए। सड़क चाहे किसी भी विभाग से संबंधित हो, चाहे वह एचएसआईआईडीसी, नगर निगम या जीएमडीए के अधीन हो। नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करते हुए एक महीने के भीतर सभी सड़कों की मरम्मत कर उन्हें चलने योग्य बनाया जाए।

सेक्टर-85 की सड़क समस्या का समाधान, 7,000 लोगों को राहत
बैठक में सेक्टर-85 स्थित कार्नेशन रेजीडेंसी आरडब्ल्यूए द्वारा प्रस्तुत की गई सड़क अवरोध से संबंधित शिकायत पर मुख्यमंत्री ने पिछली बैठक में गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों की एक समिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित निजी भूमि अब बिल्डर द्वारा खरीद ली गई है। वहां बनी पुरानी इमारतों को हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके उपरांत दो सप्ताह के भीतर 24 मीटर चौड़ी संपर्क सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिससे सेक्टर-85 मुख्य मार्ग और द्वारका एक्सप्रेसवे से सीधा संपर्क स्थापित हो सकेगा। इस निर्णय से लगभग 7,000 निवासियों एवं 800 स्कूली छात्रों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।

सूरत नगर फेज-1 को जलभराव दूर होगा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूरत नगर फेज-1 में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को एक माह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सभी प्रभावित गलियों को जलभराव से मुक्त कर उनका जीर्णोद्धार किया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके। पानी की निकासी की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से दुरुस्त की जाए और जहां आवश्यकता हो वहां पंप लगाकर पानी निकाला जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा तय समय सीमा में काम पूरा न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )