Report By : ICN Network
डरावनी फिल्मों से मशहूर हुए विक्रम भट्ट इस बार एक अलग तरह की कहानी लेकर आए हैं, जिसमें हॉरर नहीं बल्कि एक सच्ची घटना पर आधारित ‘तुमको मेरी कसम’ नामक फिल्म है। यह एक डॉक्टर के संघर्ष की कहानी है, जो अपना फर्टिलिटी क्लीनिक खोलने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ता है। फिल्म में रोमांचक कोर्टरूम ड्रामा भी देखने को मिलेगा। वैसे, बॉलीवुड में पहले भी कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जिन्होंने अदालत की कार्यवाही को बेहद प्रभावी तरीके से पेश किया है। आइए, नजर डालते हैं कुछ ऐसी शानदार कोर्ट रूम ड्रामा फिल्मों पर।
दामिनी (1993)
“तारीख पे तारीख…” – सनी देओल का यह डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर है। राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित यह फिल्म बलात्कार जैसे संवेदनशील विषय पर आधारित है। कहानी एक महिला दामिनी की है, जो अपने देवर और उसके दोस्तों पर अपनी नौकरानी के साथ बलात्कार का आरोप लगाकर न्याय दिलाने की कोशिश करती है। कोर्ट की कार्यवाही को बेहद प्रभावशाली तरीके से दिखाने के कारण यह फिल्म बॉलीवुड की सबसे बेहतरीन कोर्ट ड्रामा फिल्मों में शामिल की जाती है।
पिंक (2016)
अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नू स्टारर यह फिल्म महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के अधिकारों पर आधारित एक शानदार कोर्ट ड्रामा है। फिल्म ने एक सशक्त संदेश दिया कि “नो मीन्स नो”, यानी अगर कोई लड़की किसी काम के लिए मना करती है, तो इसका मतलब साफ इनकार होता है। फिल्म की कहानी समाज की उस पुरुषवादी सोच को उजागर करती है, जो महिलाओं के चरित्र को उनके कपड़ों और जीवनशैली से तय करने की कोशिश करती है। कोर्टरूम में अमिताभ बच्चन का वकील का किरदार और उनकी दलीलें दर्शकों को झकझोर कर रख देती हैं।
मुल्क
अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘मुल्क’ एक ऐसे मुस्लिम परिवार की कहानी है, जो अपने खोए हुए सम्मान को दोबारा पाने की कोशिश करता है। फिल्म दिखाती है कि कैसे परिवार के एक सदस्य के आतंकवादियों से संबंध होने के बाद पूरे परिवार को आतंकवादी मान लिया जाता है और उनके साथ समाज में भेदभाव किया जाता है। 2018 में आई तापसी पन्नू, ऋषि कपूर और मनोज पहवा स्टारर इस फिल्म में काफी अच्छे तरीके से अदालत की कार्यवाही को दिखाया गया है।
सेक्शन 375
साल 2019 में आई अक्षय खन्ना और रिचा चड्ढा स्टारर फिल्म सेक्शन 375 एक शानदार कोर्ट रूम ड्रामा फिल्म है। नाम से ही जाहिर होता है कि फिल्म बलात्कार जैसे गंभीर मुद्दे पर आधारित है। फिल्म में एक मशहूर निर्देशक पर उसकी सहायक कास्ट्यूम डिजाइनर बलात्कार करने का आरोप लगाती है, जिसके बाद सेशन कोर्ट निर्देशक को आरोपी मानकर उसे सजा सुना देता है। बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंचता है और फिर फिल्म अदालत की कार्यवाही के साथ आगे बढ़ती है। इस फिल्म का क्लाइमेक्स आपको हैरान कर देगा।
जॉली एलएलबी
2013 में आई सुभाष कपूर की फिल्म ‘जॉली एलएलबी’ एक अलग तरह की कोर्ट रूम ड्रामा फिल्म थी। ये फिल्म आपको हंसाने के साथ-साथ एक गंभीर संदेश भी दे जाती है। फिल्म में अरशद वारसी एक वकील के रूप में दिखाई दिए थे। फिल्म में दिखाया गया कि अपनी पहचान और रोजी रोटी के लिए संघर्ष कर रहा एक नया वकील जॉली कैसे एक हाई प्रोफाइल ‘हिट एंड रन’ केस से जुड़ जाता है और कैसे वो ताकतवर सिस्टम से टकराता है। फिल्म की कहानी अलग और मजेदार है।
जॉली एलएलबी 2
यह फिल्म ‘जॉली एलएलबी’ की ही अगली कड़ी थी। हालांकि, फिल्म एक अलग मुद्दे को उठाती है। इस फिल्म में सुभाष कपूर ने अरशद वारसी की जगह अक्षय कुमार को लीड रोल में लिया था। अक्षय कुमार ने फिल्म में जगदीश मिश्रा का किरदार निभाया था, जो जॉली के नाम से जाना जाता है। इस फिल्म में एक फर्जी एनकाउंटर की कहानी को दिखाया गया है। फिल्म में जबरदस्त कोर्ट रूम ड्रामा देखने को मिला है। फिल्म में जज की भूमिका में नजर आए सौरभ शुक्ला की एक्टिंग लाजवाब है।
ओह माय गॉड
परेश रावल अक्षय कुमार की फिल्म ‘ओह माय गॉड’ की कहानी एक अलग कहानी है। फिल्म में एक्ट ऑफ गॉड को लेकर मुकदमा चलता है। कांजी मेहता नाम का एक व्यापारी भूकंप में अपनी दुकान का नुकसान होने पर बीमा कंपनी से प्राकृतिक आपदा का हवाला देकर उसे दुकान के नुकसान की भरपाई नहीं मिलने पर भगवान पर ही केस कर देता है। ये फिल्म एक मजेदार कोर्ट रूम ड्रामा है, जिसमें कॉमेडी के साथ-साथ एक सटल कटाक्ष भी है।
सिर्फ एक बंदा काफी है
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ एक वास्तविक घटना से प्रेरित है। यह फिल्म एक ढोंगी बाबा की कहानी दिखाती है, जो आस्था की आड़ में लड़कियों का यौन शोषण करता है।
फिल्म की कहानी एक चर्चित बलात्कार मामले से जुड़ी मानी जाती है, जिसमें आरोपी के रूप में आसाराम बापू का नाम सामने आया था। 2023 में ZEE5 पर रिलीज हुई इस फिल्म ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया था।

