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बीजेपी विधायक का बड़ा आरोप: अफसर गुमराह कर लूट रहे सरकारी खजाना, मुख्यमंत्री योगी पर तंत्र-मंत्र का दावा

Report By : ICN Network

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गुमराह कर सरकारी खजाने की लूट कर रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि मुख्य सचिव ने “तंत्र-मंत्र” कर मुख्यमंत्री का दिमाग प्रभावित कर दिया है।

अयोध्या में जमीन घोटाले का आरोप
लोनी विधानसभा सीट से विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने अधिकारियों पर अयोध्या में जमीनें हड़पने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और मुख्यमंत्री तक को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य सचिव को दुनिया का “सबसे भ्रष्ट अधिकारी” बताया।

राम कलश यात्रा को लेकर हुआ विवाद
विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना अनुमति का हवाला देते हुए लोनी में राम कलश यात्रा को जबरन रोक दिया, जिससे हालात बिगड़ गए। उन्होंने कहा कि इससे पहले कभी इस यात्रा के लिए अनुमति नहीं ली गई थी, लेकिन इस बार प्रशासन ने जानबूझकर इसे रोका। वहीं, अपर पुलिस आयुक्त अजय कुमार सिंह का कहना है कि विधायक और उनके समर्थकों ने बिना अनुमति यात्रा निकालने की कोशिश की, जिसे रोका गया।

पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ और गोहत्या के आरोप
बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर फटे कुर्ते में मीडिया के सामने आए और आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके कपड़े फाड़े। उन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ बोलते हुए कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर गोहत्या हो रही है और पुलिस फर्जी मुठभेड़ों में निर्दोष लोगों की जान ले रही है।

विपक्ष का हमला
बीजेपी विधायक के बयानों पर विपक्ष ने योगी सरकार को घेरा है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “बीजेपी के राज में भाजपाई ही खोल रहे हैं राज। हर तरफ अन्याय और भ्रष्टाचार फैला है। अब क्या इनकी रिपोर्ट भी बदलवाई जाएगी?” विपक्ष ने इसे बीजेपी सरकार की विफलता बताते हुए योगी आदित्यनाथ से जवाब मांगा है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}