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BMC चुनाव 2026: उद्धव ठाकरे–राज ठाकरे की युति का औपचारिक ऐलान

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ठाकरे परिवार की मौजूदगी में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने अपनी पार्टियों—शिवसेना (उद्धव गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना—के गठबंधन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस ऐलान के साथ ही राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, दोनों दलों ने सीटों के बंटवारे पर अभी कोई खुलासा नहीं किया है।

राज ठाकरे ने गठबंधन की घोषणा करते हुए कहा कि शिवसेना और MNS साथ आ गई हैं और महाराष्ट्र किसी भी तरह के झगड़े या विवाद से बड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह नहीं बताया जाएगा कि कौन सा दल कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि मुंबई का मेयर मराठी होगा और वह इसी गठबंधन से होगा।

यह गठबंधन मुंबई समेत सात नगर निकायों में मिलकर चुनाव लड़ेगा, लेकिन दोनों दलों के लिए सबसे अहम मुकाबला मुंबई महानगरपालिका (BMC) का है। इस चुनाव को ठाकरे भाइयों के राजनीतिक भविष्य और प्रभाव की निर्णायक लड़ाई के तौर पर देखा जा रहा है। बुधवार दोपहर 12 बजे राज और उद्धव ठाकरे एक साथ मंच पर आए और युति की घोषणा की।

गठबंधन के ऐलान के बाद जब पत्रकारों ने सवाल किए तो बीजेपी नेता रावसाहेब दानवे के उस बयान का भी जिक्र हुआ, जिसमें उन्होंने इसे ठाकरे परिवार का आखिरी चुनाव बताया था। इस पर उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे बयानों पर जवाब देना जरूरी नहीं है और उनकी पार्टी में फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}