मुंबई में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर मराठी में स्पष्ट और प्रमुख साइनबोर्ड लगाने के नियम को लागू कराने के लिए BMC ने कार्रवाई तेज कर दी है। नियमों का पालन नहीं करने वाले 294 दुकानों और प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है।
नियम के तहत दुकानों और प्रतिष्ठानों के प्रवेश द्वार पर मराठी नामफलक या साइनबोर्ड स्पष्ट रूप से दिखाई देना जरूरी है। BMC की लीगल कमिटी की चेयरपर्सन दीक्षा करकर के अनुसार, अभियान के दूसरे चरण में उन प्रतिष्ठानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां इस नियम का पालन नहीं किया गया है। जांच के दायरे में शॉपिंग मॉल और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी शामिल हैं।
दूसरे चरण में करीब 10 हजार प्रतिष्ठानों की जांच
BMC के शॉप्स एंड एस्टैब्लिशमेंट्स डिपार्टमेंट ने 20 अगस्त से 9 सितंबर तक दूसरे चरण की जांच की। इस दौरान 9,789 दुकानों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। एस.वी. रोड, एलबीएस रोड समेत प्रमुख सड़कों और व्यावसायिक क्षेत्रों में यह अभियान चलाया गया।
जांच के दौरान 294 प्रतिष्ठानों के प्रवेश द्वार पर नियम के मुताबिक स्पष्ट मराठी साइनबोर्ड नहीं मिला। इसके बाद इन सभी प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया।
दीक्षा करकर ने कहा कि जिन दुकानों और प्रतिष्ठानों में मराठी साइनबोर्ड के नियम का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
पहले चरण में 36,773 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
मराठी नामफलक को लेकर BMC ने अपना अभियान मई में शुरू किया था। पहले चरण में मुंबई के 36,773 दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस जांच के बाद 1,124 प्रतिष्ठानों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर उन्हें कानूनी कार्रवाई के लिए आगे भेजा गया।
पहले चरण के दौरान मराठी नामफलक नहीं लगाने वाले 638 दुकानों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ अदालत में मामले दर्ज किए गए। इनमें से 143 मामलों की कानूनी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।
वहीं, मध्यस्थता के जरिए मामले निपटाने के लिए आवेदन करने वाले प्रतिष्ठानों में से 190 मालिकों से कुल 12 लाख 23 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
मई से जारी है विशेष अभियान
मुंबई में मराठी साइनबोर्ड के नियम को लागू कराने के लिए विशेष अभियान मई में शुरू किया गया था। इस अभियान में मुंबई के डिप्टी मेयर संजय घाडी और BMC की लीगल कमिटी की चेयरपर्सन दीक्षा करकर की भूमिका रही।
दूसरे चरण में नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और जरूरत के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जा रही है। BMC ने इस अभियान को समाप्त करने की कोई निश्चित समयसीमा अभी नहीं बताई है।

