मुंबई में बॉम्बे हाई कोर्ट ने पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की महंगी गाड़ियों और फाइव स्टार होटल में लंबे समय तक ठहरने को लेकर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने पूछा कि करीब 90 हजार रुपये महीने की सैलरी पाने वाला पुलिस अधिकारी मर्सिडीज और BMW जैसी महंगी कारों का इस्तेमाल कैसे कर सकता है। मुंबई के ओबेरॉय होटल में करीब 100 दिन तक रहने का मुद्दा भी सुनवाई के दौरान उठा
सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कोर्ट के सामने सचिन वाजे की लाइफस्टाइल से जुड़ी बातें रखीं। एजेंसी के मुताबिक, वाजे मर्सिडीज और BMW जैसी महंगी गाड़ियों से अपने ऑफिस और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास वर्षा तक जाते थे।
कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि आखिर उनकी कमाई और इस तरह के खर्चों के बीच तालमेल कैसे बैठता था। हालांकि, ये सवाल अपने आप में किसी आरोप को साबित नहीं करते।
NIA ने वाजे पर जबरन वसूली और अपने पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोपों का हवाला देते हुए उनकी जमानत का विरोध किया। एजेंसी का कहना है कि वाजे ने जांच में सहयोग नहीं किया और उन्हें जमानत मिलने से गवाहों तथा सबूतों पर असर पड़ सकता है।
यह मामला साल 2021 में उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी SUV मिलने और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या से जुड़ा है। हिरेन का शव 5 मार्च 2021 को ठाणे की एक खाड़ी में मिला था। इस मामले में सचिन वाजे को NIA ने गिरफ्तार किया था।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने विस्फोटक सामग्री के स्रोत को लेकर भी सवाल किए। कोर्ट ने जानना चाहा कि SUV में मिली जिलेटिन की छड़ें कहां से खरीदी गई थीं और जांच एजेंसी उनके स्रोत का पता क्यों नहीं लगा सकी।
विशेष अदालत ने 29 सितंबर को सचिन वाजे को जमानत दी थी, लेकिन NIA ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी। हाई कोर्ट ने जमानत के आदेश पर लगी रोक को बरकरार रखा है। ऐसे में फिलहाल वाजे को जमानत का लाभ नहीं मिल पाया है।

