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बसपा के कद्दावर नेता गुड्डू जमाली ने सपा का दामन थामा,सैकड़ों कार्यकर्ता भी हुए पार्टी में शामिल

Report By : Rashid Arif Lucknow (UP)

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव संपन्न होने के बाद में समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में आज बुधवार को सपा कार्यलय पर आजमगढ़ के कद्दावर नेता गुड्डू जमाली ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। गुड्डू जमाली के अलावा बसपा के तमाम नेता जिसमें अबरार अहमद,महफूज,सुहेल बाग, फैजान अहमद,अनवर अहमद सुलेमान अंसारी,समेत सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने आज सपा का दामन थाम लिया है ।

इससे पहले भी गुड्डू जमाली समाजवादी पार्टी के साथ जुड़े हुए थे लेकिन बीच में समाजवादी छोड़कर गुड्डू जमाली बसपा के साथ हो गए थे एक बार फिर गुड्डू जमाली समाजवादी पार्टी के साथ आ गए हैं

सामाजवादी पार्टी राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान

अखिलेश यादव ने गुडू जमाली के साथ आये सभी नेताओं का किया स्वागत करते हुए कहा जिस तरीक़े से कभी समुद्र मंथन हुआ था अब सविंधान मंथन होगा, एक तरफ संविधान के रक्षक होंगे, दूसरी तरफ संविधान की धज्जियां उड़ाने वाले लोग है हमारा PDA परिवार बढ़ता जा रहा है, हम जितना परिवार बढ़ा लेंगे हम उतना ही बढ़ते जाएंगे।

गुड्डू जमाली को मैंने बुलाने का काम किया है आपको यहां घर जैसा माहौल मिलेगा सपा के बागी विधायकों को लेकर अखिलेश यादव ने कहा बागी विधायकों पर नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी आगे अखिलेश यादव ने कहा बीजेपी और आरएसएस की सूचना वे लोग हमको देते थे मुझे दुख है अब कौन सूचना देगा कुछ लोग जान बचाने के लिए कुछ लालच में गए है जाने वाले को कोई नहीं रोक सकता।

शिवपाल यादव का बयान

शिवपाल यादव ने गुड्डू जमाली के साथ आये सभी बसपा के नेताओं का स्वागत करते हुए कहा गुड्डू जमाली के साथ आये तमाम साथियों का समाजवादी पार्टी में सम्मान रहेगा

भारती जनता पार्टी ने लोकतंत्र की हत्या की है, PDA के लोग इन लोगों को सबक सिखाएंगे भारतीय जनता पार्टी जितनी बेईमान सरकार मैने आज तक नहीं देखा ये लोग राम की कसम खाते है और राम के नाम पर झूठ बोलते है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}