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Pollution Control Action: दिल्ली में बाहरी वाहनों पर सख्ती, 24 घंटे बॉर्डर पिकेटिंग, सैकड़ों वाहनों की एंट्री रोकी

राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए ग्रेप-4 (गंभीर+) लागू कर दिया गया है। सर्दियों के मौसम में प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी पीएम-10 में करीब 19.7 प्रतिशत और पीएम-2.5 में लगभग 25.1 प्रतिशत रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रेप-4 लागू होते ही ट्रैफिक पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं।

दिल्ली पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से राजधानी के सभी छोटे-बड़े बॉर्डरों पर 24 घंटे पिकेट लगाकर सघन जांच शुरू कर दी है। जो वाहन तय मानकों पर खरे नहीं उतर रहे या अधिक प्रदूषण फैला रहे हैं, उन्हें दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है और वापस लौटाया जा रहा है।

ट्रैफिक डिवीजन के विशेष पुलिस आयुक्त नीरज ठाकुर ने बताया कि प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और अन्य वाहनों को रोकने के लिए बॉर्डरों पर चौबीसों घंटे पुलिस बल तैनात है। इसके लिए दिल्ली के सभी 15 जिलों से करीब 400 पुलिसकर्मियों को ट्रैफिक पुलिस की मदद के लिए लगाया गया है। इसके साथ ही 37 प्रखर वैन भी निगरानी में जुटी हैं।

नई दिल्ली रेंज के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि उनकी रेंज में 11 बॉर्डर हैं, जहां जिला पुलिस के जवान ट्रैफिक कर्मियों के साथ मिलकर वाहनों की जांच कर रहे हैं। यमुना पार कुल 46 बॉर्डर पड़ते हैं, जिनमें शाहदरा जिले के सात बॉर्डर भी शामिल हैं।

ग्रेप-4 के तहत प्रमुख पाबंदियां

आवश्यक सेवाओं को छोड़कर दिल्ली में ट्रकों की एंट्री पर पूर्ण रोक

दिल्ली में पंजीकृत बीएस-4 और उससे नीचे के डीजल भारी वाहनों पर प्रतिबंध

बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के पेट्रोल नहीं मिलेगा, उल्लंघन पर चालान

दिल्ली के बाहर पंजीकृत और बीएस-6 से नीचे के वाहनों की एंट्री पर रोक

निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर सख्त प्रतिबंध, उल्लंघन पर जुर्माना व जब्ती

सरकार की सख्ती के चलते बीते 24 घंटों में प्रदूषण फैलाने और नियम तोड़ने वाले 11,776 वाहनों के चालान काटे गए। इसी दौरान 12,000 मीट्रिक टन से अधिक कचरा उठाया गया, हजारों किलोमीटर सड़कों की मशीन से सफाई हुई और एंटी-स्मॉग गन के जरिए धूल नियंत्रण किया गया।

हवा की रफ्तार धीमी रहने के कारण राजधानी में प्रदूषण लगातार चौथे दिन बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है। शुक्रवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 374 दर्ज किया गया, जबकि नोएडा में 410 के साथ हवा गंभीर श्रेणी में रही। ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)