साइबर जालसाजों ने सेक्टर-65 स्थित वित्तीय सेवा प्रदान करने वाली रिनोवा पेटेक कंपनी के सर्वर को हैक कर एपीआई पोर्टल से 2.42 करोड़ रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। ठगी की रकम 497 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिये 28 बैंकों के 58 खातों में भेजी गई। कंपनी के निदेशक की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सेक्टर-65 स्थित रिनोवा पेटेक कंपनी रिचार्ज, बिल पेमेंट, आधार से पैसे निकालने और घरेलू मनी ट्रांसफर जैसी सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी के निदेशक राजकुमार ने पुलिस को बताया कि 13 सितंबर को दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे के बीच कंपनी का सर्वर हैक हुआ। जालसाजों ने एपीआई पोर्टल के माध्यम से कुल 2.42 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दी।
रकम को 497 ट्रांजेक्शन में बांटकर अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। कंपनी की ओर से करीब 10 शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई हैं। डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले में ट्रांजैक्शन की कड़ियां जोड़कर रकम प्राप्त करने वाले खातों और आरोपियों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए पुलिस की टीम साइबर एक्सपर्ट के भी संपर्क में है। इस तरह के पुराने मामले भी खंगाले जा रहे हैं। वर्ष 2024 में खुली थी कंपनी, नोएडा है मुख्यालयजिस कंपनी के साथ फ्रॉड हुआ उसकी स्थापना फरवरी 2024 में हुई थी। इसका मुख्यालय नोएडा में है।
कंपनी स्थानीय खुदरा दुकानदारों को डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराकर उन्हें ग्राहकों तक बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं पहुंचाने में मदद करती है। कंपनी प्लेटफॉर्म के माध्यम से एईपीएस (आधार आधारित भुगतान), माइक्रो एटीएम, घरेलू मनी ट्रांसफर, बिजली-पानी-गैस समेत विभिन्न बिलों का भुगतान और रिचार्ज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। क्या होती है फिनटेक कंपनीफिनटेक कंपनियां तकनीक और सॉफ्टवेयर की मदद से बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को आसान, तेज और डिजिटल बनाती हैं। इनके जरिये मोबाइल से पैसे भेजना, ऑनलाइन भुगतान, बिल जमा करना, रिचार्ज, डिजिटल बैंकिंग, लोन, बीमा और निवेश जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं

