• Tue. Sep 22nd, 2026

India Core News | Read Latest Trending News..

आपका इंडिया आपकी न्यूज़

10 मिनट डिलीवरी पर ब्रेक: सरकार का बड़ा फैसला, ब्लिंकिट–जेप्टो समेत क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सख्ती

केंद्र सरकार ने क्विक कॉमर्स कंपनियों की 10 मिनट में डिलीवरी सेवा पर रोक लगाने का फैसला किया है। इसके बाद जेप्टो, ब्लिंकिट, स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म अब तय समय में 10 मिनट की डिलीवरी का दावा नहीं कर सकेंगे। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने यह कदम गिग वर्कर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
यह फैसला हैदराबाद में हुए एक सड़क हादसे के बाद लिया गया, जिसमें एक डिलीवरी राइडर की जान चली गई थी। शुरुआत में मृतक को जेप्टो से जुड़ा बताया गया था, हालांकि कंपनी ने बाद में उसे अपना कर्मचारी मानने से इनकार कर दिया। इस घटना के बाद डिलीवरी टाइम प्रेशर और राइडर्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए।
मामले को लेकर केंद्रीय श्रम मंत्री ने प्रमुख डिलीवरी एग्रीगेटर्स के साथ बैठक की। चर्चा के बाद सभी प्लेटफॉर्म 10 मिनट की डिलीवरी समय-सीमा हटाने पर सहमत हुए। इस बैठक में ब्लिंकिट, जेप्टो, जोमैटो और स्विगी जैसे बड़े नाम शामिल थे।
सूत्रों के मुताबिक, ब्लिंकिट ने सबसे पहले अपनी ब्रांडिंग से ‘10 मिनट डिलीवरी’ का दावा हटा दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि बाकी कंपनियां भी जल्द इसी दिशा में कदम उठाएंगी। सरकार का मानना है कि इससे गिग वर्कर्स पर अनावश्यक दबाव कम होगा और उनकी सुरक्षा व कामकाजी हालात बेहतर होंगे।
गौरतलब है कि हाल ही में संसद में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स की समस्याओं को उठाया था। उन्होंने ऐप-आधारित डिलीवरी सेवाओं के लिए सख्त नियम, सामाजिक सुरक्षा और उचित वेतन की मांग की थी।
सरकार का यह फैसला गिग इकोनॉमी में काम करने वाले लाखों डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा और अधिकारों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)