ग्रहाम स्टेन्स हत्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने ओडिशा सरकार को 19 अगस्त तक निर्णय लेने का समय दिया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 1999 में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्रॉहम स्टेन्स और उनके दो पुत्रों की हत्या के मामले में दोषी बजरंग दल के सदस्य दारा सिंह की remission याचिका पर ओडिशा सरकार को 19 अगस्त तक फैसला करने का आदेश दिया।
अदालत को बताया गया कि राज्य की सजा समीक्षा बोर्ड ने आवश्यक दस्तावेज मांगे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें प्राप्त नहीं कर पाया है, जिसके कारण याचिका पर विचार संभव नहीं हो पाया।
सुप्रीम कोर्ट ने इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए मामले को 19 अगस्त तक स्थगित कर दिया और उम्मीद जताई कि इस बीच बोर्ड अपना निर्णय प्रस्तुत करेगा।
पृष्ठभूमि के तौर पर, स्टेन्स और उनके नाबालिग पुत्र 22 जनवरी 1999 को ओडिशा में एक भीड़ द्वारा उनके वाहन में सोते हुए जिंदा जला दिए गए थे। आरोपियों ने मिशनरी पर गैरकानूनी धार्मिक परिवर्तन कराने का आरोप लगाया था। इस भयावह घटना ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी निंदा प्राप्त की।
दारा सिंह सहित 14 व्यक्तियों को 2003 में एक विशेष केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) अदालत ने दोषी ठहराया था। दारा सिंह को मृत्यु दंड सुनाया गया था, जिसे बाद में 2005 में उड़ीसा उच्च न्यायालय ने उम्रकैद में परिवर्तित कर दिया।
उच्च न्यायालय ने मामले में अन्य 11 आरोपियों को बरी कर दिया था। एक अन्य आरोपी, जो हत्या के समय नाबालिग था, उसे 2008 में रिहा किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने दारा सिंह की सजा को बरकरार रखा था और मामले पर गंभीरता से ध्यान दिया। अब इस नवीनतम सुनवाई में remission याचिका पर राज्य सरकार के निर्णय का इंतजार है।