फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी धीमी शुरुआत के बावजूद ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। करीब 1.8 से 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक तो रही, लेकिन शुरुआती कमाई बहुत ज्यादा नहीं थी। पहले सप्ताह में फिल्म ने लगभग 1.08 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जबकि दूसरे हफ्ते की कमाई करीब 40 लाख रुपये रही। हालांकि, दर्शकों की पसंद और नीम करोली बाबा के प्रति लोगों की आस्था ने फिल्म की किस्मत बदल दी।
तीसरे और चौथे सप्ताह में फिल्म को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिलने लगा। इसके बाद सिनेमाघरों में इसके शोज और स्क्रीन्स की संख्या भी बढ़ने लगी। लेकिन इस सफलता के पीछे एक ऐसा दौर भी था, जब फिल्म के सामने थिएटर्स में टिके रहने का संकट खड़ा हो गया था।
‘टॉक्सिक’ और ‘आवारापन 2’ की रिलीज से घट गई थीं स्क्रीन्स
बहुत कम लोग जानते हैं कि ‘हनुमान अंश’ को शुरुआत में 350 सिनेमाघरों में रिलीज किया गया था। पहले सप्ताह के बाद जब ‘आवारापन 2’ और ‘टॉक्सिक’ जैसी फिल्में सिनेमाघरों में पहुंचीं, तो इसका सीधा असर ‘हनुमान अंश’ की स्क्रीन संख्या पर पड़ा। दूसरे सप्ताह में फिल्म के थिएटर्स घटकर महज 25 से 30 रह गए थे।
हाल ही में फिल्म की प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने एक इंटरव्यू में इसके थिएट्रिकल सफर से जुड़े कई अहम खुलासे किए। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया था, जब टीम फिल्म को आगे सिनेमाघरों में चलाने को लेकर असमंजस में थी।
फिल्म के निर्देशक विशाल प्रमोशन के सिलसिले में टीम के साथ यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान फिल्म को थिएटर्स में बनाए रखने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्क्रीन्स कम होने के बाद टीम के सामने यह सवाल था कि फिल्म को एक और सप्ताह तक सिनेमाघरों में रखा जाए या नहीं।
नुकसान की आशंका के बावजूद मेकर्स ने क्यों लिया आगे बढ़ने का फैसला?
रागिनी सोना के मुताबिक, फिल्म का पहला सप्ताह टीम की उम्मीदों के आसपास ही रहा था। लेकिन दूसरे हफ्ते में ‘आवारापन 2’ और ‘टॉक्सिक’ की रिलीज के कारण स्क्रीन संख्या में भारी कटौती हुई। इसके बावजूद फिल्म का कारोबार जारी रहा।
फिल्म को मिल रहे इस समर्थन ने मेकर्स का भरोसा बनाए रखा। उन्हें लगा कि कुछ और समय तक फिल्म को सिनेमाघरों में चलाने का फैसला लिया जा सकता है, भले ही इसके लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़े।
प्रोड्यूसर ने बताया कि शुरुआत में वह और निर्देशक विशाल फिल्म को आगे बढ़ाने को लेकर थोड़े असमंजस में थे। हालांकि, आखिरी समय में दोनों ने इसे एक और सप्ताह तक चलाने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने अपने डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी इस फैसले के बारे में बताया।
टीम को दूसरे लोगों को इस योजना के लिए राजी करने में कुछ वक्त लगा, लेकिन अंततः वे भी सहमत हो गए। इसके बाद अगले सप्ताह फिल्म को अधिक सिनेमाघरों में रिलीज किया गया और इसके लिए कुछ अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ा।
एक और हफ्ते के फैसले ने बदल दिया फिल्म का बॉक्स ऑफिस सफर
रागिनी सोना ने बताया कि टीम ने इस बात पर चर्चा की थी कि अगर फिल्म एक सप्ताह और सिनेमाघरों में चलती है, तो संभव है कि उसका खर्च निकल आए। इसी उम्मीद के साथ उन्होंने आगे बढ़ने का फैसला किया।
टीम का यह निर्णय फिल्म के लिए अहम साबित हुआ। दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई और बॉक्स ऑफिस पर इसका प्रदर्शन भी बेहतर होने लगा। धीरे-धीरे फिल्म ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि इसकी स्क्रीन संख्या में भी इजाफा होने लगा।
प्रोड्यूसर के मुताबिक, फिल्म को आगे बढ़ाने के फैसले के बाद परिस्थितियां बदलती चली गईं और आखिरकार इसकी कहानी सफलता में बदल गई।
‘टॉक्सिक’ से टक्कर को लेकर मेकर्स को भी था डर
‘टॉक्सिक’ के साथ क्लैश को लेकर बात करते हुए रागिनी सोना ने स्वीकार किया कि टीम को थोड़ा डर जरूर था। बड़ी फिल्म के आने से ‘हनुमान अंश’ के सिनेमाघरों और कारोबार पर असर पड़ने की आशंका थी।
उन्होंने बताया कि ऐसे समय में वे एक-दूसरे को फिल्म का एक डायलॉग याद दिलाते थे। यह डायलॉग था, ”हनुमान चालीसा पढ़ते हो, फिर भी डरते हो?”
टीम ने इसी भरोसे के साथ फिल्म को आगे बढ़ाया। शुरुआत में धीमी कमाई और स्क्रीन कम होने के बावजूद मेकर्स ने इसे सिनेमाघरों से हटाने के बजाय एक और मौका देने का फैसला किया। आगे चलकर दर्शकों के समर्थन ने फिल्म के बॉक्स ऑफिस सफर को एक नया मोड़ दे दिया।

