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महाकुंभ भगदड़ में मृतकों की संख्या पर अस्पताल ने कन्फ्यूजन बढ़ाया, 24 पोस्टर लगाए

Report By : ICN Network
महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ में मृतकों की संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। हाल ही में अस्पताल ने इस मामले में और कन्फ्यूजन बढ़ा दिया है, जिससे लोग और अधिकारी असमंजस में हैं। बुधवार को डीआईजी वैभव कृष्ण ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया था कि इस घटना में 30 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जिनमें से 5 मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। यह जानकारी देते हुए उन्होंने मृतकों के बारे में और भी जानकारी साझा की, लेकिन कुछ समय बाद ही स्थिति में बदलाव देखा गया

अब प्रयागराज अस्पताल ने मृतकों की संख्या और उनकी पहचान को लेकर नए पोस्टर जारी किए हैं। इन पोस्टरों में 24 शवों के बारे में जानकारी दी गई है, जो कि भगदड़ में मारे गए थे। अस्पताल द्वारा पोस्टर लगाए जाने से यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह संख्या पहले घोषित की गई संख्या से अलग है या फिर किसी और कारण से यह बदलाव आया है

कुछ लोगों का मानना है कि मृतकों की सही संख्या का पता नहीं चल पा रहा है और यह कन्फ्यूजन मृतकों के परिवारों के लिए भी और मुश्किल पैदा कर रहा है। पोस्टरों में जिन मृतकों के नाम और पहचान दर्शाए गए हैं, वे लोग अब तक किसी भी आधिकारिक घोषणा में शामिल नहीं थे, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि घटनास्थल पर घटी त्रासदी के बाद मृतकों की सही स्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है

यह मामला पुलिस और अस्पताल प्रशासन के लिए एक चुनौती बन चुका है, क्योंकि एक ओर जहां सही मृतकों की संख्या और पहचान को लेकर असमंजस बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर मृतकों के परिवारों को भी यह जानकारी मिलनी बाकी है कि उनके प्रियजन वास्तव में इस घटना का शिकार हुए हैं या नहीं। घटनास्थल पर ज्यादा संख्या में लोग जुटे हुए थे, जिससे यह घटना और भी जटिल हो गई। अब सभी संबंधित अधिकारियों से यह उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द ही इस स्थिति को स्पष्ट करें ताकि मृतकों के परिवारों को सही जानकारी मिल सके और कोई और कन्फ्यूजन ना बढ़े

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}
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