Report By-Vidya Prakash Bharti Mirzapur (UP)
यूपी के मिर्ज़ापुर में प्रेग्नेंसी में महिलाओं को हर मामले में काफी संभलकर कदम उठाने पड़ते हैं. फिर चाहे खानपान की बात हो, एक्सरसाइज करनी हो, दवाओं का सेवन हो या फिर डेली रूटीन की कुछ आदतें. इस समय ठंड के मौसम में तो मुश्किलें और बढ़ जाती हैं. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को खास सावधानियां बरतने की जरूरत होती है, ताकि किसी भी तरह की कोई कॉम्प्लिकेशंस या दुर्घटना ना हो. सर्दी के मौसम में प्रेगनेंट महिलाओं को फ्लू, जुकाम, खांसी आदि इंफेक्शन का खतरा बना रहता है।


मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.जूही देशपांडे ने कहा कि गर्भवती होने के साथ ही एक महिला का जीवन कई सारी उम्मीदों से भर जाता है. इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि महिलाएं गर्भावस्था के दौरान खुद की और बच्चे की उचित देखभाल करें क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही घातक हो सकती है।
क्रीम और लोशन लगाएं:स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. जूही देशपांडे ने बताया कि सर्दियों के दिनों में ठंडी व सूखी हवा के वजह से स्किन के नेचुरल मॉइश्चर और ऑयल खोने की आशंका रहती है। साथ ही पेट बढ़ने से भी स्किन में खिंचाव आने से स्ट्रेच मार्क्स हो सकते हैं. इसलिए स्किन को हाइड्रेट रखने के लिए क्रीम और लोशन एक निश्चित अंतराल पर लगाती रहें।उन्होंने आगे कहा कि ज्यादा ठंड में शरीर के अंदर ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है, जिस वजह से कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए ऊनी वस्त्र पहनें। साथ ही घर से बाहर निकलने पर पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें।
संतुलित आहार लें: डॉ. जूही देशपांडेडॉ. जूही देशपांडे ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है. जिससे उनके आसानी से बीमारियों की चपेट में आने की संभावना बन जाती है। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को संतुलित आहार लेना चाहिए। सीजनल फल ज्यादा फायदेमंद होगा क्योंकि फल के सेवन से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रेग्नेंसी में आप शरीर की स्वच्छता का ध्यान रखें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। सर्दियों में अक्सर लोग पानी पीना कम कर देते हैं. यह स्थिति हानिकारक हो सकती है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज:स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. जूही देशपांडे बताती हैं कि यदि किसी प्रेगनेंट महिला को गले में खराश, खांसी, नाक बहना, सिरदर्द, बुखार या किसी प्रकार का बदन दर्द है तो इन लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा कि अगर बुखार अधिक समय तक बना रहता है और साथ में बलगम निकलता है तो ऐसे में नजदीकी चिकित्सालय में जाएं और डॉक्टर से परामर्श लें।उन्होंने कहा कि चिकित्सक के परामर्श के बगैर दवाओं का सेवन न करें।

