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26 करोड़ के जीएसटी घोटाले में आयरन कारोबारी गिरफ्तार, फर्जी फर्मों के जरिए टैक्स चोरी का खुलासा

Report By : ICN Network

इनपुट टैक्स क्रेडिट के नाम पर किए जा रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए अधिकारियों ने एक आयरन व्यापारी को गिरफ्तार किया है, जिसने 26 करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला किया। जांच में सामने आया कि व्यापारी ने फर्जी कंपनियों के नाम से जीएसटी पंजीकरण कर फर्जी इनवॉइस और खरीद-बिक्री का झूठा रिकॉर्ड तैयार किया था।

विभाग को जब कुछ लेन-देन संदिग्ध लगे, तब पूरे नेटवर्क की गहन जांच की गई। पता चला कि कारोबारी ने सिर्फ कागज़ों पर मौजूद फर्मों के माध्यम से बिना किसी असल व्यापार के भारी मात्रा में इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम किया। ट्रांसपोर्टेशन, डिलीवरी और खरीद के सारे दस्तावेज फर्जी पाए गए।

विभाग ने आरोपी को जीएसटी अधिनियम की धारा 132 के तहत हिरासत में लेकर न्यायिक कार्यवाही शुरू कर दी है। इस धारा के तहत दोषी को पांच साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही, अधिकारियों को संदेह है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित फर्जीवाड़ा गिरोह भी सक्रिय हो सकता है।

इस घोटाले के उजागर होने के बाद अन्य संदिग्ध जीएसटी रजिस्ट्रेशनों की भी पड़ताल शुरू कर दी गई है। फर्जी इनवॉइस के सहारे टैक्स चोरी करने वाले इस नेटवर्क को पकड़ने के लिए विभागीय टीमें कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}