जयपुर के सांगानेर इलाके को जाम से राहत देने के लिए बनाया जा रहा एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट इन दिनों बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
करीब 286.74 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट पर छह महीने में अब तक लगभग 12 करोड़ रुपये का ही काम हुआ है। यानी तय लक्ष्य के मुकाबले काम की स्पीड काफी कम है।
इस प्रोजेक्ट को 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके हिसाब से हर महीने करीब 9.56 करोड़ रुपये का काम होना चाहिए, लेकिन अभी औसतन सिर्फ करीब 2 करोड़ रुपये का काम ही हो रहा है।
500 से ज्यादा अतिक्रमण बने बड़ी रुकावट
प्रोजेक्ट के रास्ते में 500 से ज्यादा अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। हालांकि, इन्हें हटाने की कार्रवाई अभी आगे नहीं बढ़ पाई है। इसी वजह से एलिवेटेड रोड के मुख्य हिस्से का काम शुरू करने में परेशानी आ रही है।
यह एलिवेटेड रोड टोंक रोड, डिग्गी-मालपुरा रोड और न्यू सांगानेर रोड को आपस में जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है। इलाके में बढ़ते ट्रैफिक के कारण सांगानेर बाजार में जाम की समस्या लगातार बढ़ रही है।
प्रोजेक्ट को 3 हिस्सों में बांटा गया
JDA ने पूरे काम को तीन पार्ट में रखा है। पार्ट-B और पार्ट-C में काम चल रहा है, जबकि पार्ट-A का काम अभी शुरू नहीं हो पाया है।
पार्ट-A में सांगानेर फ्लाईओवर से चौरड़िया पेट्रोल पंप तक एलिवेटेड रोड बनाई जानी है। इस हिस्से में 300 से ज्यादा अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं और 12,500 वर्ग मीटर से ज्यादा जमीन खाली करानी है।
पार्ट-B में चौरड़िया पेट्रोल पंप से न्यू सांगानेर रोड तक काम चल रहा है। वहीं पार्ट-C में चौरड़िया पेट्रोल पंप से मालपुरा गेट तक एलिवेटेड रोड बनाई जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआत में यूटिलिटी शिफ्ट करने और ट्रैफिक के लिए रास्ता तैयार करने में समय लगा। अब काम की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित 666 पाइल्स में से 150 का काम पूरा हो चुका है।

