• Sat. Oct 3rd, 2026

India Core News | Read Latest Trending News..

आपका इंडिया आपकी न्यूज़

ला रेजिडेंसिया सोसायटी की खामियों पर हाईकोर्ट सख्त, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण CEO को किया तलब

ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ला रेजिडेंसिया सोसायटी में सामने आई अनियमितताओं को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।

सोसायटी के निवासियों के अनुसार, यह आदेश 10 सितंबर को जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने फ्लैट आवंटी माधवी त्यागी की ओर से दाखिल रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अनूप कुमार ने पक्ष रखा।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि बिल्डर ला रेजीडेंसिया डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड बिना सेल डीड और कंप्लीशन सर्टिफिकेट के ही फ्लैटों का कब्जा दे रहा है। याचिकाकर्ता के मुताबिक, यह यूपी औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम 1976 और भवन विनियमावली 2011 का उल्लंघन है।

फायर एनओसी नहीं, एसटीपी भी शुरू नहीं

याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रोजेक्ट के लिए फायर विभाग से एनओसी नहीं ली गई है। इसके अलावा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी भी अब तक चालू नहीं हुआ है। इन परिस्थितियों के कारण सोसायटी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और रहने की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

याचिकाकर्ता ने बताया कि इन अनियमितताओं को लेकर 3 जुलाई 2025 और 21 जनवरी 2026 को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को लिखित शिकायत दी गई थी। हालांकि, आरोप है कि प्राधिकरण की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। केवल बिल्डर को कंप्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए नोटिस जारी किया गया।

कोर्ट में प्राधिकरण की भूमिका पर उठे सवाल

अधिवक्ता अनूप कुमार ने कोर्ट को बताया कि यह प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत है और रेरा में शिकायत लंबित होने के बावजूद सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने ऐसे मामलों में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप की जरूरत बताई।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दो महत्वपूर्ण निर्देश दिए। पहला, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को अदालत में उपस्थित होकर यह बताना होगा कि अधिनियम के अनुपालन में प्राधिकरण क्यों विफल रहा।

दूसरा, बिल्डर को उसके दिल्ली स्थित रजिस्टर्ड कार्यालय के साथ-साथ टेकजोन-4 स्थित साइट कार्यालय पर भी नोटिस भेजने का निर्देश दिया गया है।

मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)