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महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रिया सुले के दामाद की कंपनी को 1,200 एकड़ जमीन लीज पर दी, फैसले पर उठे सवाल

महाराष्ट्र में सरकारी जमीन के आवंटन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राज्य सरकार ने अहिल्यानगर जिले के हरेगांव में 1,200 एकड़ जमीन मुंबई की कंपनी विश्वराज रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड को 49 साल के लिए लीज पर दी है। इस कंपनी के मालिक सारंग लखानी हैं, जो NCP (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले के दामाद और बीजेपी के विधान परिषद सदस्य अरुण लखानी के बेटे हैं।

जमीन देने के फैसले पर अंजलि दमानिया ने उठाए सवाल

सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी जमीन किसी निजी कंपनी को सौंपने से पहले टेंडर प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई? उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर अलग-अलग कंपनियों को बोली लगाने का मौका मिलता, तो क्या सरकार को ज्यादा किराया मिल सकता था?

तीन महीने में कैसे बदली जमीन से जुड़ी योजना?

दमानिया के मुताबिक, जून में इसी जमीन पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत ग्रीन एनर्जी पार्क बनाने की योजना थी। हालांकि, कुछ ही महीनों बाद जमीन सीधे एक निजी कंपनी को लीज पर देने का फैसला सामने आया। उन्होंने सरकार से पूछा कि योजना में बदलाव करने की जरूरत क्यों पड़ी।

49 साल की लीज, कितना तय हुआ किराया?

रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, जमीन के लिए हर एकड़ का मासिक किराया 4,166 रुपये तय किया गया है। इसमें हर साल 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान भी है। इतनी बड़ी जमीन के लिए तय की गई किराये की दर और लीज की शर्तों पर भी चर्चा हो रही है।

जमीन के मूल किसानों के अधिकारों का क्या होगा?

हरेगांव में जमीन को लेकर विवाद काफी पुराना है। ब्रिटिश शासन के समय यहां के किसानों से बड़ी मात्रा में जमीन ली गई थी। स्थानीय किसान और उनके परिवार लंबे समय से अपनी जमीन वापस पाने की मांग करते रहे हैं। ऐसे में सरकारी जमीन को निजी कंपनियों की परियोजनाओं के लिए देने के फैसले से किसानों के अधिकारों पर बहस फिर तेज हो गई है।

सुप्रिया सुले ने क्या कहा?

इस मामले पर सुप्रिया सुले ने कहा कि उनके दामाद कौन-सा कारोबार करते हैं, यह उनका निजी मामला है। उन्होंने इस विषय पर आगे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

फिलहाल, जमीन आवंटन की प्रक्रिया, लीज की शर्तों और किसानों के दावों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अब सबकी नजर राज्य सरकार के जवाब पर है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)